Saturday, 29 August 2026

राजस्थान में बारिश और कोहरे का असर, कई जिलों में तापमान गिरा, 14 जिलों में शीतलहर का अलर्ट


राजस्थान में बारिश और कोहरे का असर, कई जिलों में तापमान गिरा, 14 जिलों में शीतलहर का अलर्ट

राजस्थान में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश और कोहरे ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिसके बाद ठंड और कोहरे का प्रभाव बढ़ गया। बारिश के बाद पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

पूर्वी राजस्थान में बारिश, पश्चिमी राजस्थान रहा शुष्क

पिछले 24 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते राज्य के पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य का अधिकतम तापमान चित्तौड़गढ़ में 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बारिश के आंकड़ों के मुताबिक:

  • धौलपुर के सैपऊ में 6 मिमी, सरमथुरा में 3 मिमी, नीमकाथाना में 2 मिमी, धौलपुर तहसील में 2 मिमी, राजाखेड़ा और बाड़ी में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई।
  • अजमेर और उसके आसपास बूंदाबांदी हुई।

प्रदेश में न्यूनतम तापमान की स्थिति

  • जयपुर: 11.4°C
  • नागौर: 4.5°C
  • लूणकरणसर (बीकानेर): 5.5°C
  • जालौर: 6.6°C
  • सिरोही: 6.9°C
  • सीकर: 6.6°C
  • डबोक: 7°C
  • भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़: 7.7°C
  • पिलानी: 8°C

14 जिलों के लिए शीतलहर का येलो अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने गुरुवार 6 जनवरी को पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के 14 जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में हनुमानगढ़, जैसलमेर, बाड़मेर, गंगानगर, चूरू, झुंझुनू, सीकर, नागौर, जोधपुर, पाली, बीकानेर, जालौर और उनके आसपास के इलाके शामिल हैं।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

  • अगले एक सप्ताह तक राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
  • उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में 2-3°C की और गिरावट हो सकती है।
  • शेखावाटी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान 3-5°C तक पहुंच सकता है और कहीं-कहीं शीतलहर भी चल सकती है।

मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। ठंड बढ़ने के कारण स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति पर असर पड़ सकता है और किसानों को भी फसलों पर पाला गिरने से सतर्क रहने की जरूरत है।

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