



महाकुंभ में हुई भगदड़ का मामला राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) में दर्ज किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने इस मामले की जांच कराने की मांग की है।
28-29 जनवरी की रात संगम नोज पर भगदड़ मचने से 14 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक घायल हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अफवाह के चलते भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ हुई। इस घटना को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
VIP मूवमेंट के कारण आम श्रद्धालुओं को रोका जाता है, जिससे भीड़ बेकाबू हो जाती है।रास्तों को बंद करने के कारण लोग एकत्रित हो जाते हैं, जिससे भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। हर बार इसी VIP कल्चर के कारण अव्यवस्था पैदा होती है, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाता।