



एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) जयपुर ने बुधवार को वन विभाग के फॉरेस्टर रतिपाल और गार्ड ओमप्रकाश को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई कुंडा के पास चिमनपुरा वन विभाग चौकी पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दोनों अधिकारी बार-बार धमकाकर रिश्वत मांग रहे थे।
एसीबी एडिशनल एसपी संदीप सारस्वत ने बताया कि कुछ दिन पहले पीड़ित ने एसीबी मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद बुधवार को एसीबी की टीम ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। फॉरेस्टर रतिपाल और गार्ड ओमप्रकाश को 10 हजार रुपए लेते समय गिरफ्तार किया गया।
पहले भी वसूली: जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी पीड़ित से 10 हजार रुपए की रिश्वत ले चुके थे।
पीड़ित ने बताया कि वह अपनी जमीन पर मकान का निर्माण करना चाहता था।जब भी काम शुरू करता, वन विभाग के ये अधिकारी मौके पर पहुंचकर उसे धमकाते।
उन्होंने कई बार कहा कि मकान बनाया तो जेसीबी से तुड़वा देंगे।पीड़ित ने बताया कि यह उसकी निजी जमीन है, लेकिन अधिकारी बेवजह कार्रवाई की धमकी देकर रिश्वत मांगते रहे।
एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते ही पकड़ लिया गया।अधिकारियों ने बताया कि यह मामला भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण है।आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
एसीबी ने आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।उनके कार्यकाल में अन्य रिश्वत के मामलों की भी जांच की जाएगी।पीड़ित ने आरोप लगाया कि दोनों अधिकारी इलाके के कई लोगों को इसी तरह धमकाते थे।