



राजस्थान में कोचिंग स्टूडेंट्स की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार एक सख्त कानून बनाने जा रही है। सरकार ने सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट को सूचित किया कि 31 जनवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर विधेयक पेश किया जाएगा।
इस पर हाईकोर्ट की खंडपीठ (जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस वीके भारवानी) ने सरकार के जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को तय की।
पिछली सुनवाई में सरकार ने कोर्ट को 33 जिलों में संचालित कोचिंग सेंटर्स की सूची सौंपी थी। कोर्ट ने पूछा था कि जब तक कानून नहीं बनता, क्या केंद्र सरकार की गाइडलाइन्स को लागू किया जा सकता है।
कानून बनाने की प्रक्रिया: सरकार ने कोचिंग सेंटर्स के संचालन और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विधेयक तैयार किया है।
केंद्र सरकार की गाइडलाइन्स: कोर्ट ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन्स लागू करने पर विचार करने को कहा।
हाईकोर्ट का स्वप्रेरित प्रसंज्ञान: कोटा में कोचिंग छात्रों की आत्महत्याओं के मद्देनजर यह मामला कोर्ट के सामने है।
अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को होगी।