जयपुर गणतंत्र दिवस के अवसर पर मानसरोवर मीडिया क्लब ने जयपुर में एक काव्य संगम का आयोजन किया। इस साहित्यिक कार्यक्रम में प्रतिष्ठित कवियों और व्यंग्यकारों ने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव से भरपूर रचनाओं का पाठ किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि गोविंद माथुर थे।अध्यक्षता ख्यातनाम व्यंग्यकार फारूक आफरीदी ने की।विशिष्ट अतिथि युवा शायर एम.आई. जाहिर ने अपनी प्रसिद्ध ग़ज़ल ‘चाँदनी चीखती है चीड़ों पर आंच आती है आशियाने से’ प्रस्तुत की, जिसे खूब सराहा गया।
प्रमुख रचनाएं और कवि: फारूक आफरीदी ने अपनी व्यंग्य रचना ‘मैं भ्रष्ट हूँ’ प्रस्तुत कर सामाजिक और राजनीतिक विडंबनाओं को उजागर किया। मनोज वार्ष्णेय ने ईवीएम के खेल पर व्यंग्य सुनाया।गोविंद माथुर ने सामाजिक मूल्यों में गिरावट को दर्शाती रचना ‘दर्द, प्रेम और श्रद्धा’ सुनाई। राघवेंद्र रावत ने किसानों की पीड़ा पर आधारित कविता ‘किसान’ प्रस्तुत की।योगेश कानवा ने राजनीति पर टिप्पणी करते हुए ‘राजनीति को वारांगना ना बनाइये’ सुनाई।
सुरेंद्र कुमार शर्मा ने ‘चंबल के डाकू जिन्हें चाहेंगे वही चुने जाएंगे’ शीर्षक से व्यंग्यात्मक रचना पेश की।अन्य उल्लेखनीय कविताएं और प्रस्तुतियां ओमेन्द्र मीना: ‘साधो जग ये चंडूखाना’,डॉ. प्रह्लाद गुप्ता: ‘मेरा देश महान’,डॉ. राधा गुप्ता और साकार श्रीवास्तव: देशभक्ति से ओत-प्रोत रचनाएं और डॉ. प्रशांत शर्मा: बांसुरी पर मधुर स्वरलहरियां प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में क्लब के निदेशक जयदेव शर्मा ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने घोषणा की कि जयपुर में शीघ्र ही एक विशाल साहित्य और संस्कृति उत्सव का आयोजन किया जाएगा।