



डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली, जबकि जे.डी. वेंस ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण की। अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत करते हुए ट्रंप ने कई नीतिगत घोषणाएं कीं, जिसमें अवैध घुसपैठ रोकने, दक्षिणी सीमा पर आपातकाल लागू करने और अमेरिका की संप्रभुता की रक्षा करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण पर ट्वीट कर बधाई दी। उन्होंने लिखा, "मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ऐतिहासिक शपथ ग्रहण पर बधाई। मैं एक बार फिर साथ मिलकर काम करने और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने के लिए तत्पर हूं।"
डोनाल्ड ट्रंप का पहला भाषण:
शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले भाषण में ट्रंप ने कहा, "अमेरिका के स्वर्णिम युग की शुरुआत हो चुकी है।" उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए दक्षिणी सीमा पर आपातकाल लागू किया जाएगा और ड्रग तस्करों को आतंकी घोषित किया जाएगा। ट्रंप ने "ग्रीन न्यू डील" को समाप्त करने और राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल की घोषणा करने का भी ऐलान किया।
प्रमुख घोषणाएं:
शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर:
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा, "हमारे बच्चों को अमेरिका से नफरत करना सिखाया जा रहा है। यह अब नहीं होगा।"
अंतरराष्ट्रीय नीतियां और सेना का वादा:
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हम दुनिया की सबसे मजबूत सेना बनाएंगे। लेकिन हमारी सफलता उन युद्धों को समाप्त करने में होगी, जिन्हें हम शुरू नहीं करेंगे।"
ट्रंप का चीन पर हमला:
अपने पहले ही भाषण में ट्रंप ने चीन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा, "पनामा नहर पर चीन का कब्जा है। इसे हम वापस लेंगे।"