



जयपुर-अजमेर हाईवे पर भांकरोटा में हुए भयानक एलपीजी ब्लास्ट की घटना के बाद नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने शनिवार को सुरक्षा कारणों से हादसे वाली जगह का कट पूरी तरह से बंद कर दिया है।
20 दिसंबर को एक एलपीजी टैंकर में टक्कर के बाद हुए गैस रिसाव ने पूरे हाईवे और आसपास के क्षेत्रों को आग की चपेट में ले लिया था। इस हादसे में 20 लोग जिंदा जल गए थे और दर्जनों लोग झुलस गए थे। बड़ी संख्या में गाड़ियां भी जलकर खाक हो गई थीं। इस दर्दनाक घटना के बाद ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता महसूस की गई।
एनएचएआईअधिकारियों ने बताया कि हादसे वाली जगह से करीब 4 किलोमीटर पहले ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। महिंद्रा सेज-200 फीट रोड के जंक्शन पर बने फ्लाइओवर के नीचे से किशनगढ़ और अजमेर से आने वाला ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।डायवर्जन के तहत किशनगढ़ से आने वाला ट्रैफिक महिंद्रा सेज-200 फीट रोड होकर नेवटा के रास्ते रिंग रोड दक्षिण पर मर्ज होगा। इस बदलाव का उद्देश्य हाईवे पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकना है।
एलपीजी ब्लास्ट के बाद एनएचएआई ने इस क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को कड़ा करने और ट्रैफिक संचालन को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के लिए लगातार निगरानी और मार्गदर्शन किया जा रहा है।
जयपुर-अजमेर हाईवे पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। ट्रैफिक डायवर्जन से यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जनता से अपील है कि नए डायवर्जन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा करें।