



विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार द्वारा घोषित नई शिक्षा नीति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह नीति गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए शिक्षा प्राप्ति को कठिन बना रही है और शिक्षा के अधिकार को बाधित कर रही है।
शिक्षा का निजीकरण:उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का असली उद्देश्य शिक्षा को निजी हाथों में सौंपना है, जो कि आरएसएस के एजेंडे के तहत किया जा रहा है।
आदर्श विद्या मंदिर का पुनःस्थापन:जूली ने कहा कि सरकार गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित कर आदर्श विद्या मंदिर स्कूलों को बढ़ावा देना चाहती है।
जूली ने कहा कि इस नीति से गरीब बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो सकता है।शिक्षा प्रणाली में सुधार और विस्तार के बजाय स्कूलों की बंदी करना, एक दुर्भाग्यपूर्ण कदम है।
जूली ने कहा कि "हमें शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा। गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।"