



बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने सभी राज्य बार काउंसिलों को अपने रजिस्टर में दर्ज वकीलों की विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया शुरू करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह कदम फर्जी योग्यता और अवैध रूप से जारी की गई कानून डिग्रियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए उठाया गया है।
बीसीआई ने हाल ही में फर्जी योग्यता और मानकों के खिलाफ जाकर जारी की गई डिग्रियों पर चिंता जताई है। इन घटनाओं ने कानूनी पेशे की साख और कानून की शिक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फर्जी डिग्री का असर:फर्जी योग्यता न केवल कानूनी पेशे की साख को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि देशभर में कानून की डिग्रियों पर अविश्वास पैदा कर रही है।इस समस्या से निपटने के लिए वकीलों की पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की योजना बनाई गई है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय पर सवाल:बीसीआई ने विशेष रूप से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की आलोचना की, जिसने सत्यापन रिपोर्ट में देरी की है।सत्यापन प्रक्रियाओं के लिए अनावश्यक शुल्क वसूलने पर भी चिंता जताई गई है।