



केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान जल्द ही सबसे अधिक पानी वाला राज्य बनेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और केंद्रीय सरकार की मिलकर किए गए प्रयासों से राज्य को जल आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर शुरू किया गया कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान अब एक जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है, जिसमें प्रवासी राजस्थानियों से भी अहम सहयोग मिल रहा है।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संशोधित पीकेसी लिंक परियोजना (एकीकृत ईआरसीपी) के रूप में राजस्थान को 70 हजार करोड़ रुपये की परियोजना दी है। इसमें 90 प्रतिशत अंशदान केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा, जिससे राजस्थान के पानी की किल्लत को दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यमुना जल समझौते से शेखावाटी क्षेत्र की जल समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि इस अभियान के तहत, राजस्थान में 45 हजार रैन वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे, जो 2027-28 तक भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने में मदद करेंगे।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी की संकल्पना ‘कैच द रेन’ से प्रेरित है और 10 लाख रैन वाटर रिचार्ज बोर की योजना के तहत देशभर में लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि यह अभियान अब एक जन आंदोलन बन गया है, जिसमें हर नागरिक, गांव, पंचायत, कस्बा और शहर को जोड़ने की योजना है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने जल संचय कार्यों के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि बारिश का आना जल संरक्षण के कार्यों के लिए एक शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों की सीमितता को देखते हुए वर्षा जल को संरक्षित करना आवश्यक है। इसी दिशा में राज्य सरकार कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत कार्य कर रही है। महत्वपूर्ण घोषणाएं और बातें:राष्ट्रव्यापी 'कैच द रेन' अभियान से प्रेरित:वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान में 45,000 रेन वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर वर्ष 2027-28 तक बनाए जाएंगे।अभियान का लक्ष्य देशभर में 10 लाखरिचार्ज बोर तैयार करना है।
पीकेसी लिंक परियोजना:प्रधानमंत्री ने राजस्थान को संशोधित पीकेसी लिंक परियोजना के तहत 70,000 करोड़ रुपए की सौगात दी है। परियोजना में 90% वित्तीय भार केंद्र सरकार वहन करेगी। यमुना जल समझौते से शेखावाटी क्षेत्र की जल समस्या का स्थायी समाधान होगा।
जन भागीदारी का महत्व:प्रवासी राजस्थानी, उद्योगपति, और भामाशाहों का अभियान में योगदान।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में वर्षा जल संचयन कार्यों का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, और अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।