



जयपुर में फायर ब्रिगेड के संविदा कर्मचारियों की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। ज्यादा कमाई के लालच में ये कर्मचारी खुद ही फैक्ट्रियों में आग लगाते और फिर उसे बुझाने के लिए पहुंचते थे। इसके साथ ही सरकारी गाड़ियों से डीजल चोरी कर बेचते थे। पुलिस ने रविवार को संविदा पर लगे एक फायरमैन और एक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए।
डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने बताया कि करधनी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में आगजनी की बढ़ती घटनाओं की जांच के दौरान पता चला कि इन घटनाओं को बाइक पर सवार दो बदमाश अंजाम दे रहे थे। करधनी थानाधिकारी हरीश सोलंकी को एक इनपुट मिला, जिसके आधार पर थाने के कॉन्स्टेबल सायरमल को जांच में लगाया गया।
जांच में सामने आया कि फायर ब्रिगेड के ये कर्मचारी खुद ही फैक्ट्रियों में आग लगाते थे। ऐसा करने से उन्हें आग बुझाने के लिए अधिक मौके मिलते, जिससे उनकी कमाई बढ़ जाती। इसके अलावा, ये कर्मचारी सरकारी गाड़ी से डीजल चुराकर उसे बेचने का काम भी करते थे।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जितनी ज्यादा जगह आग लगती, उतना ही उनकी ड्यूटी बढ़ती और उनके लिए कमाई के मौके बढ़ जाते। पुलिस ने इन घटनाओं के पीछे के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी है।