आरटीडीसी पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने राजस्थान में भाजपा सरकार को नियमित कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती पर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को धोखा दे रही है और नियमित कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही। राठौड़ ने भाजपा नेताओं पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा नेताओं ने नियमित भर्ती का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था, लेकिन अब सत्ता में आकर चुप्पी साध ली है।
आरटीडीसी पूर्व अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार ने 837 वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशकों को अनुबंध या ठेके पर लगाए जाने का आदेश जारी किया, जो बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ कुठाराघात है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर सिर्फ दिखावा कर रही है।
भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र: आरटीडीसी पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर नियमित कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती जल्द जारी करने की मांग की। पत्र में उन्होंने कहा कि राजस्थान में 13,976 सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर लैब स्थापित हैं, लेकिन वहां पढ़ाने के लिए नियमित कंप्यूटर अनुदेशक नहीं हैं। उन्होंने सरकार से युवाओं की पीड़ा समझने और सकारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया।
आईटी बेरोजगार युवाओं का ज्ञापन: आईटी बेरोजगार युवाओं के प्रतिनिधियों हनुमान किसान, रविंद्र चौधरी, और अरविंद जांगिड़ ने धर्मेंद्र राठौड़ से मुलाकात की और ज्ञापन देकर अपनी मांगें रखीं। युवाओं ने बताया कि राज्य में 10,165 नियमित पदों में से 4,000 से अधिक पद खाली हैं। उन्होंने अनुबंध या ठेके पर वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशकों की भर्ती के आदेश पर तुरंत रोक लगाने की मांग की और सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए नियमित अनुदेशकों की भर्ती जारी करने का आग्रह किया।
आरटीडीसी पूर्व अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले संविदा कर्मचारियों को नियमित किया और शिक्षा क्षेत्र में ठोस कदम उठाए। उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि युवाओं के हित में भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा फर्क है।