Saturday, 29 August 2026

टोंक समरावता हिंसा मामले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: 40 आरोपियों को जमानत


टोंक समरावता हिंसा मामले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: 40 आरोपियों को जमानत

टोंक के समरावता हिंसा मामले में हाई कोर्ट ने बुधवार को 40 आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। यह आदेश जस्टिस प्रवीर भटनागर की अदालत ने सुनाया। अदालत ने कहा कि पुलिस द्वारा किसी आरोपी पर विशिष्ट आरोप (स्पेसिफिक एलीगेशन) नहीं लगाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आरोप सामूहिक रूप से लगाए गए हैं।

13 नवंबर को टोंक के समरावता में हुए उपचुनाव के दौरान हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। आरोप है कि हिंसक भीड़ ने 400-500 लोगों के साथ मिलकर आगजनी की और मौके पर मौजूद एक कॉन्स्टेबल को घास में डालकर जलाने की कोशिश की। घटना के अगले दिन, 14 नवंबर को, पुलिस ने नगरफोर्ट थाने में 81 लोगों के खिलाफ आगजनी, हत्या का प्रयास, और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था।

पुलिस की रिपोर्ट और अदालत का फैसला:पुलिस की जांच में सामने आया कि घटना में 400-500 लोग शामिल थे। लेकिन किसी भी आरोपी के खिलाफ स्पष्ट आरोप नहीं लगाए गए। इस पर अदालत ने कहा कि आरोपों की स्पष्टता के अभाव में आरोपियों को जमानत पर रिहा किया जाता है।

जमानत खारिज होने के बाद हाई कोर्ट पहुंचे:इससे पहले, 6 दिसंबर को टोंक की जिला अदालत ने इन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी हाई कोर्ट पहुंचे, जहां उन्हें राहत मिली।

अदालत का निर्णय: हाई कोर्ट ने कहा कि जब तक किसी आरोपी पर सीधे और विशिष्ट आरोप नहीं लगाए जाते, तब तक उन्हें हिरासत में रखना उचित नहीं है। इस आधार पर 40 आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया।


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