Saturday, 29 August 2026

संयुक्त निदेशक ने किया किसान सेवा केन्द्रो का निरीक्षण: कृषि पर्यवेक्षक फसलों में कीट एवं व्याधियों का निरीक्षण करे: सोलंकी


संयुक्त निदेशक ने किया किसान सेवा केन्द्रो का निरीक्षण: कृषि पर्यवेक्षक फसलों में कीट एवं व्याधियों का निरीक्षण करे: सोलंकी

टोंक कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने गुरुवार को उपखण्ड क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक किसान सेवा केन्द्रो का निरीक्षण कर किसानों के खेतो में कीट एवं व्याधि का प्रकोप दिखाई देने पर तकनीकी सलाह देने के निर्देश दिए।               

संयुक्त निदेशक वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कृषि पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया कि वे किसानों के खेतो पर जाये एवं सघन निरीक्षण करे यदि कहीं भी कीट या व्याधि का प्रकोप दिखाई देने पर पैकेज ऑफ प्रेक्टिस के तहत दी गई सिफारिश के अनुसार तकनीकी सलाह देवे साथ ही विभागीय योजनाओं का किसानों के बीच अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें ताकि वे अधिक से अधिक किसान विभागीय योजनाओं से लाभान्वित हो सके। 

संयुक्त निदेशक  मंगल ने कहा कि कृषि पर्यवेक्षक किसानो को विभाग की योजनाओं की जानकारी देवे एवं कृषक भी  संतुलित उर्वरक प्रबन्धन करं ताकि मृदा की उर्वरा क्षमता पर भी कमजोर नही हो एवं उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी हो। कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी तारबन्दी,फार्म पौण्ड,सिचाई पाइप लाइन,कृषि यंत्रों, सब्जी मिनिकिट, बायो फर्टीलाईजर, चाप कटर, गोर्वधन जैविक वर्मी कम्पोस्ट, का राज किसान पोर्टल पर स्वयं के स्तर पर लम्बित पत्रावलियों का अविलम्ब निस्तारण करे।

कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने कहा कि  कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी अपने क्षेत्र में भ्रमण के दौरान किसानों को  पाले से बचाव की सलाह विभागीय सिफारिश के अनुसार   सलाह देने के निर्देश दिये। साथ ही परम्परागत विकास योजना, फसल प्रदर्शन, मिनिकिट का निरीक्षण करे एवं कन्ट्रोल प्लान के तहत विभागीय सिफारिश के अनुसार कार्यवाही करे। 

संयुक्त निदेशक एवं कृषि अधिकारी ने बावड़ी क्षेत्र में कृषि यंत्र, तारबंदी, चना फसल प्रदर्शन, गोर्वधन जैविक उर्वरक, वर्मी कम्पोस्ट इत्यादि का भौतिक सत्यापन किया

संयुक्त निदेशक ने बावड़ी, लाम्बा, गोपालपुरा, बरवास, अलियारी, इन्दोकिया इत्यादि किसान सेवा केन्द्रो का निरीक्षण किया। जिस दौरान सहायक कृपि अधिकारी कन्हैया लाल नामा, कृषि पर्यवेक्षक प्रहलाद जाट, रामावतार नागर, सुरेश सांसी, बजरंग जाट, महावीर धाकड़ एवं भूपेन्द्र सहित अनेक कृषक  मौजूद थे ।

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