जयपुर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के निंदोला गांव में 1 जनवरी की शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। चारा काटने वाली मशीन से 35 वर्षीय महिला मंजू देवी का सिर धड़ से अलग हो गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना का विवरण:समय और स्थान: हादसा 1 जनवरी की शाम करीब 6 बजे हुआ।घटना निंदोला गांव की है, जहां मंजू देवी अपने ननिहाल में शोक में शामिल होने आई थी।
कैसे हुआ हादसा: मंजू देवी चारा काटने वाली मशीन के पास काम कर रही थी।उसका ममेरा भाई अनुराग इंजन से मशीन चला रहा था और सरसों की पुली खिसका रहा था।मंजू सरसों की पुली उठाकर दे रही थी, तभी चुन्नी इंजन के चक्के में फंस गई। तेज गति से घूमते चक्के के कारण मंजू की गर्दन पास रखे पत्थर के कातले से टकरा गई, जिससे उसका सिर धड़ से अलग हो गया।
घटना के बाद की स्थिति: अनुराग का बयान:अनुराग ने कहा कि हादसा इतनी तेजी से हुआ कि कुछ समझने का समय नहीं मिला।चिल्लाने की आवाज पर घर के अन्य लोग पहुंचे, लेकिन तब तक मंजू की मौत हो चुकी थी।हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया।
पुलिस और प्रशासन: सूचना मिलने पर गोविंदगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची।शव को चौमूं सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया गया। 2 जनवरी को सुबह मंजू के परिजन शव को अरनिया (श्रीमाधोपुर) ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
मंजू देवी का पारिवारिक विवरण: मंजू देवी का ससुराल श्रीमाधोपुर के अरनिया में है और पीहर गोविंदगढ़ के देवथला गांव में।उनके पति बद्री प्रसाद यादव उदयपुर के समारावता स्थित गवर्नमेंट कॉलेज में व्याख्याता हैं। मंजू 31 दिसंबर को नानी की मौत के शोक में निंदोला गांव आई थी।