



जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र स्थित ऑक्सीजन प्लांट में मंगलवार शाम गैस लीक होने से हड़कंप मच गया। टैंकर का वॉल्व टूटने से कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) गैस लीक हो गई। विश्वकर्मा थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। गैस के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य हो गई, जिससे वाहन धीमी गति से निकलने लगे।
11 दिन पहले हुए हादसे की यादें ताजा
गैस लीक की घटना से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। 11 दिन पहले जयपुर में टैंकर से निकली एलपीजी गैस के ब्लास्ट में 20 लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना लोगों के जेहन में ताजा होने के कारण प्लांट के आसपास के लोग और भयभीत हो गए।
गैस लीकेज का कारण और नियंत्रण
असिस्टेंट फायर ऑफिसर भंवर सिंह हाड़ा ने बताया कि रोड नंबर-18 पर स्थित अजमेरा गैस प्लांट में CO2 गैस स्टोरेज के लिए बड़े टैंकर हैं। गैस स्टोर करते समय टैंकर का वॉल्व प्रेशर के कारण टूट गया, जिससे गैस लीक हो गई। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों से पानी की बौछार कर 40 मिनट में स्थिति पर काबू पाया गया।
300 मीटर के दायरे में फैली गैस
SHO राजेंद्र शर्मा ने बताया कि लीकेज के चलते गैस 300 मीटर के दायरे में फैल गई। गैस ठंडी होने के कारण जमीन पर बैठ गई, जिससे बर्फ की चादर जैसा दृश्य बना। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मेन वॉल्व बंद कर लीकेज को रोका। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
प्रभावित क्षेत्र और विजिबिलिटी
गैस लीकेज के कारण प्लांट के आसपास विजिबिलिटी पूरी तरह से खत्म हो गई थी। स्थानीय लोगों को बचाव दल ने तुरंत अलर्ट किया और स्थिति सामान्य करने के लिए तेजी से कदम उठाए गए।