



राजस्थान में भजनलाल सरकार द्वारा 17 में से 9 नए जिलों और 3 संभागों को निरस्त करने के फैसले पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले को जनता के साथ अन्याय बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, "हमारी सरकार ने जनता की मांग और सुविधाओं के लिए नए जिले और संभाग बनाए थे। लेकिन भाजपा सरकार ने बिना सही-गलत देखे, एक कार्यकर्ता से रिपोर्ट बनवाकर जिलों को खत्म कर दिया। उनकी केवल एक उपलब्धि है कि दिल्ली से पर्ची आई और उन्होंने पढ़ दी।"
डोटासरा ने कहा कि 12 महीने का समय होने के बावजूद भाजपा सरकार ने जिलों की सीमाओं में सुधार करने के बजाय उन्हें पूरी तरह समाप्त कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से कमेटी के मापदंडों को सार्वजनिक करने की मांग की।
डोटासरा ने IAS ललित के पंवार पर आरोप लगाया कि वे भाजपा के सदस्य हैं और उन्हीं की रिपोर्ट पर जिलों और संभागों को निरस्त किया गया। उन्होंने कहा, "ललित के पंवार ने लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा की सदस्यता ली थी। ऐसे व्यक्ति से रिपोर्ट बनवाकर जिलों को खत्म करना पूरी तरह पक्षपातपूर्ण है।"
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस निर्णय को प्रदेश के विकास का नुकसान बताते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री भजनलाल ने एक बड़ा मौका गंवा दिया। उन्होंने कहा कि नए जिलों के माध्यम से गरीब व्यक्ति भी जिला मुख्यालय तक अपनी समस्याएं लेकर जा सकता था।
डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भाजपा सरकार ने मापदंडों की जांच किए बिना अपने कार्यकर्ता की रिपोर्ट पर जिलों और संभागों को निरस्त कर दिया। यह प्रदेश की जनता के साथ अन्याय है। कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक जनता के हक की लड़ाई लड़ेगी।