



कोटपूतली: राजस्थान के कोटपूतली में 700 फीट गहरे बोरवेल में 3 साल की बच्ची चेतना को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अपने आखिरी चरण में है। जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने बताया कि रेस्क्यू टीम सोमवार रात तक चेतना तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति: NDRF के जवानों ने सोमवार सुबह 6:30 बजे तक 7 फीट लंबी टनल की खुदाई कर ली थी। अब केवल 1.5 फीट चौड़ी कठोर चट्टान को ड्रिल करना बाकी है। चट्टान की कठोरता के कारण ड्रिलिंग प्रक्रिया धीमी हो गई है, जिससे हर घंटे केवल 2-4 इंच की खुदाई हो पा रही है।
चेतना की स्थिति पर चुप्पी: चेतना पिछले 8 दिनों से बोरवेल में फंसी हुई है। उसकी स्थिति को लेकर अधिकारी कुछ भी स्पष्ट बताने से बच रहे हैं। मंगलवार (24 दिसंबर) शाम से चेतना में कोई मूवमेंट नहीं देखा गया है। कैमरे की इमेज और विजुअल भी बीते कुछ दिनों से साझा नहीं किए गए हैं, जिससे चिंता बढ़ रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन की चुनौतियां: कलक्टर कल्पना अग्रवाल ने इसे राजस्थान का सबसे कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन बताया।चेतना 150 फीट की गहराई में फंसी हुई है।चार बार देसी जुगाड़ के जरिए उसे केवल 30 फीट ऊपर खींचा जा सका।बोरवेल के अंदर पानी या भोजन पहुंचाने में भी सफलता नहीं मिली है।
परिवार और ग्रामीणों की नाराजगी: 28 दिसंबर को चेतना के परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। उनका कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी के कारण चेतना की स्थिति खराब हो गई है।