Saturday, 29 August 2026

महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने संघ परिवार पर साधा निशाना: 'महापुरुषों की प्रतिष्ठा पर हो रहा है हमला'


महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने संघ परिवार पर साधा निशाना: 'महापुरुषों की प्रतिष्ठा पर हो रहा है हमला'

महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने संघ परिवार पर महापुरुषों की प्रतिष्ठा को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का राजनीतिक उपयोग इतिहास में हमेशा से होता रहा है, लेकिन आज यह अधिक संगठित और सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है।

महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी शुक्रवार को जयपुर में हुए 'समकाल' पुस्तक विमोचन समारोह में कहा कि सोशल मीडिया पर महात्मा गांधी पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। बापू पर नए-नए आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनियोजित षड़यंत्र का हिस्सा है, जिसका मकसद महापुरुषों की प्रतिष्ठा को खत्म करना है।

तुषार गांधी ने कहा कि वर्तमान समय में संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनुस्मृति के उपासक अब बाबा साहेब द्वारा बनाए गए संविधान को हटाकर मनुस्मृति को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। यह हमला भी एक सुनियोजित षड़यंत्र का हिस्सा है।
तुषार गांधी जयपुर के झालाना स्थित प्रौढ़ शिक्षण केंद्र में सुधांशु मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक 'समकाल' के विमोचन समारोह में मुख्य वक्ता थे। उन्होंने अपने संबोधन में वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य पर चिंता व्यक्त की और कहा कि महापुरुषों की विरासत को नष्ट करने की कोशिशें चिंताजनक हैं।
तुषार गांधी ने कहा कि जो लोग महात्मा गांधी और बाबा साहेब अंबेडकर की शिक्षाओं और विचारधारा का विरोध करते हैं, वे आज उन्हें गलत साबित करने के लिए नए-नए षड़यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे महापुरुषों की विरासत को बचाने और संविधान की रक्षा के लिए सतर्क रहें।

तुषार गांधी ने संसद में हो रहे हंगामों और विरोध पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "संसद के हर सत्र से पहले सत्ताधारी पार्टी जानबूझकर ऐसी घटनाएं कराती है, जिससे विपक्ष भड़क जाए और सत्र को बाधित किया जा सके। यह पिछले 8 सालों से अधिक शोर-शराबे के साथ दिख रहा है।" उन्होंने संसद के लोकतांत्रिक महत्व और उसकी शक्ति को खारिज करने की कोशिशों पर सवाल उठाए।
तुषार गांधी ने भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति और रुपये के गिरते मूल्य पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "जिस डॉलर के भाव को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री ने चिंता जताई थी, आज वह 85 रुपये से ऊपर चला गया है। लेकिन अब इसे लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही है।" उन्होंने इसे लेकर सत्ताधारी पार्टी पर "अंधे और बेहरे बनकर नाटक करने" का आरोप लगाया।
तुषार गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि उनके विचार और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने जोर दिया कि बापू की शिक्षाएं और उनके आदर्श भारत के लोकतांत्रिक और सामाजिक ढांचे की नींव हैं।
तुषार गांधी ने अपने संबोधन के अंत में समाज के हर वर्ग से अपील की कि वे महापुरुषों की शिक्षाओं को समझें और उनका सम्मान करें। उन्होंने कहा कि बापू और बाबा साहेब ने भारत को एक मजबूत लोकतंत्र और समानता का संदेश दिया, जिसे संरक्षित रखना सभी का कर्तव्य है।

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