Saturday, 29 August 2026

जयपुर-अजमेर हाईवे पर आगजनी के बाद जांच समिति का निरीक्षण: सड़क चौड़ीकरण और हाईमास्क लाइट लगाने के निर्देश


जयपुर-अजमेर हाईवे पर आगजनी के बाद जांच समिति का निरीक्षण: सड़क चौड़ीकरण और हाईमास्क लाइट लगाने के निर्देश

जयपुर-अजमेर हाईवे पर हाल ही में हुई आगजनी की घटना के बाद जयपुर कलेक्टर द्वारा गठित 6 सदस्यीय जांच समिति ने शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा किया। समिति ने दुर्घटना स्थल पर जाकर वहां की स्थिति का आकलन किया और तकनीकी विशेषज्ञों से चर्चा की। समिति ने सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने, ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने, और हाईमास्क लाइट लगाने जैसे सुझाव दिए।

समिति के सुझाव: सड़क चौड़ीकरण: समिति ने यूटर्न वाले स्थान पर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और इसके लिए जमीन तलाशने की बात कही।

24 घंटे ट्रैफिक पुलिस तैनाती: दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 24 घंटे ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए।

हाइमास्क लाइट: हाईवे पर हाईमास्क लाइट लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि रात में वाहन चालकों को यूटर्न का स्थान स्पष्ट दिखाई दे।

मेडिकल सुविधाएं: हाईवे पर मेडिकल एंबुलेंस की व्यवस्था और ज्वलनशील पदार्थ वाले टैंकरों के लिए सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की बात कही गई।

घटनास्थल का निरीक्षण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
समिति ने घटनास्थल पर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए और यूटर्न पॉइंट पर वाहनों की गतिविधियों का अध्ययन किया। उन्होंने देखा कि अजमेर से आने वाले वाहन रिंग रोड पर जाने के लिए किस प्रकार यू-टर्न लेते हैं। समिति ने सुझाव दिया कि क्लोवर लीफ प्रोजेक्ट के पूरा होने तक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अस्थायी समाधान लागू किए जाएं।
एनएचएआई के अधिकारियों से क्लोवर लीफ का काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा गया। इस प्रोजेक्ट के अधूरे होने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
निरीक्षण के दौरान समिति ने दक्षिणी रिंग रोड और बगरू टोल प्लाजा तक का दौरा किया। टोल प्लाजा पर गुजरने वाले वाहनों की संख्या और ट्रैफिक प्रबंधन पर भी जांच की गई।
इस समिति में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (प्रथम) राजेंद्र शेखावत, एडीएम आशीष कुमार, एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय आर्य, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता, और जयपुर सीएमएचओ (द्वितीय) हंसराज भदालिया शामिल थे।

यह घटना हाईवे पर वाहनों की अनियंत्रित गतिविधियों और असुरक्षित यूटर्न पॉइंट के कारण हुई थी। समिति की यह सिफारिशें इस प्रकार की घटनाओं को रोकने और हाईवे की सुरक्षा बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

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