Saturday, 29 August 2026

टोंक स्थापना दिवस का गढ़ में पूजा से हुआ भव्य आगाज


टोंक स्थापना दिवस का गढ़ में पूजा से हुआ भव्य आगाज

टोंक के 1079वें स्थापना दिवस पर मंगलवार को गढ़ में विधिवत पूजा-अर्चना और इबादत के साथ टोंक महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत टोंक महोत्सव समिति के अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंघल, गढ़ परिवार के हनुमान सिंह सोलंकी, कवि प्रदीप पंवार, गजराज सिंह और अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में प्राचीन मंदिर में पूजा से हुई।

इस शुभ अवसर पर विभिन्न संगठनों और वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। महोत्सव की मुख्य अतिथि लक्ष्मी देवी जैन ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए टोंक के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "टोंक महोत्सव के माध्यम से नई पीढ़ी को शहर के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा सकता है।"

विशेष वक्ताओं के विचार:

  • पूर्व निदेशक मुजीब आजाद:
    उन्होंने टोंक को "मुहब्बत करने वालों का शहर" बताते हुए इसके इतिहास और परंपराओं की सराहना की।
  • वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा:
    उन्होंने टोंक की संस्कृति को भाईचारे और प्रेम की नींव पर आधारित बताया।
  • कवि प्रदीप पंवार:
    उन्होंने टोंक महोत्सव के प्रणेता हनुमान सिंहल की प्रशंसा करते हुए आयोजन को जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की अधिक भागीदारी से जोड़ने का सुझाव दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अंश:

  • गढ़ में पूजा-अर्चना से शुभारंभ।
  • गढ़ परिवार और स्थानीय संगठनों की भागीदारी।
  • अतिथियों का स्वागत और आयोजन के महत्व पर चर्चा।

टोंक महोत्सव समिति के अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंघल ने कहा कि "यह आयोजन हमें हमारी जड़ों से जोड़े रखता है और शहर के विकास के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रेरित करता है।"

कार्यक्रम के अंत में आयोजक हनुमान सिंह सोलंकी ने सभी का आभार व्यक्त किया और इसे टोंक की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।

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