Saturday, 29 August 2026

हाइब्रिड एन्युटी मॉडल से डिस्कॉम्स करेंगे ऊर्जा प्रबंधन में सुधार, सौर ऊर्जा और फीडर पृथक्कीकरण को मिलेगी नई दिशा


हाइब्रिड एन्युटी मॉडल से डिस्कॉम्स करेंगे ऊर्जा प्रबंधन में सुधार, सौर ऊर्जा और फीडर पृथक्कीकरण को मिलेगी नई दिशा

राजस्थान में किसानों को दिन में बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने और डिस्कॉम्स के आर्थिक प्रबंधन को मजबूत करने के लिए हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HEM) को अपनाया गया है। डिस्कॉम्स चेयरमैन सुश्री आरती डोगरा ने बताया कि इस मॉडल के जरिए राज्य में 4,097 मेगावाट विकेंद्रित सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना और 4,268 फीडर के पृथक्कीकरण के काम को गति दी जाएगी।

सुश्री डोगरा ने शनिवार को विद्युत भवन में आयोजित तीनों डिस्कॉम्स की प्रशिक्षण कार्यशाला में कहा कि हाइब्रिड एन्युटी मॉडल सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। इससे किसानों को दिन में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध होगी, जिससे रात में जागकर सिंचाई करने की परेशानी समाप्त होगी।

उन्होंने बताया कि डिसेंट्रलाइज सोलर प्लांट्स को 33/11 केवी सब-स्टेशनों से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर सस्ती बिजली उपलब्ध होगी। यह न केवल छीजत को कम करेगा, बल्कि डिस्कॉम्स के आर्थिक भार को भी कम करने में मददगार साबित होगा।

कुसुम योजना में प्रगति

जयपुर डिस्कॉम के अतिरिक्त अभियंता श्री आर.के. शर्मा ने बताया कि कुसुम कंपोनेंट ए के तहत राज्य में अब तक 602 मेगावाट के पावर परचेज एग्रीमेंट और 230 विकेंद्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इससे 40,000 किसानों को दिन में बिजली सुलभ हो रही है। वहीं, कंपोनेंट सी में 4544 मेगावाट के 1791 प्लांट्स के लिए टेंडर जारी किए गए हैं।

फील्ड विजिट को प्राथमिकता

डिस्कॉम्स चेयरमैन ने निर्देश दिए कि तीन महीनों में अधिकारी फील्ड विजिट को प्राथमिकता दें। छीजत वाले सब-स्टेशनों और फीडर का दौरा कर जमीनी समस्याओं का समाधान करें।

अभियंताओं का प्रशिक्षण और सुझाव

प्रशिक्षण कार्यशाला में हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के क्रियान्वयन को लेकर अभियंताओं को प्रशिक्षित किया गया। कुसुम योजना, स्मार्ट मीटरिंग, और फीडर सेग्रीगेशन पर प्रस्तुतीकरण दिए गए। अभियंताओं ने मॉडल के बेहतर कार्यान्वयन के लिए सुझाव भी दिए।

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