



भजनलाल शर्मा सरकार के एक साल पूरा होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, और वरिष्ठ मंत्री जोगाराम पटेल का एक साथ दिल्ली दौरा सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि यह दौरा मंत्रिमंडल विस्तार और प्रदेश के विकास कार्यों पर चर्चा के लिए था।
दिल्ली दौरे की प्रमुख गतिविधियां: सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया राहटकर के सरकारी आवास के गृह प्रवेश और गीता पाठ कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। हालांकि, इस दौरान राजनीतिक और संगठनात्मक मसलों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
परफॉर्मेंस आधारित मंत्रिमंडल विस्तार: सियासी जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल का विस्तार मंत्रियों और विधायकों के कार्य प्रदर्शन के आधार पर किया जा सकता है।
प्रमोशन और नई नियुक्तियां: अच्छा काम करने वाले मंत्रियों को प्रमोशन मिल सकता है।
कमजोर प्रदर्शन पर कार्रवाई: संतोषजनक कार्य नहीं करने वाले मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है।
उपचुनाव जीतने वाले विधायकों को मौका: हालिया उपचुनावों में जीत दर्ज करने वाले विधायकों को भी मंत्री पद का मौका मिल सकता है।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरण: भाजपा नेतृत्व जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए मंत्री नियुक्त कर सकती है। राजस्थान जैसे बड़े राज्य में विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना भाजपा के राजनीतिक समीकरणों का हिस्सा हो सकता है।
भाजपा का विस्तार पर फोकस: भाजपा का लक्ष्य विधानसभा चुनाव 2028 की तैयारियों के साथ-साथ अगले लोकसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करना है। मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह भरने का प्रयास किया जाएगा।
मंत्रिमंडल विस्तार की संभावित तारीख: जानकारों के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार की घोषणा अगले कुछ हफ्तों में की जा सकती है। इसमें नए चेहरों को शामिल कर पार्टी की छवि को और मजबूत किया जाएगा।