



राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान देवनानी ने अजमेर में पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने, वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने, और अजमेर में अवैध बांग्लादेशियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने इन सभी मुद्दों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया।
अजमेर में पासपोर्ट सेवा केंद्र की मांग: देवनानी ने बताया कि अजमेर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व का शहर है, जहां से बड़ी संख्या में लोग विदेश यात्रा करते हैं।
पासपोर्ट सेवा केंद्र की आवश्यकता:वर्तमान में अजमेर स्थित डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र पर प्रतिदिन औसतन 80 पासपोर्ट आवेदन होते हैं। कार्यभार अधिक होने के कारण आवेदन प्रक्रिया में 20 से 60 दिन तक का समय लग जाता है।देवनानी ने कहा कि पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना से स्थानीय लोगों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी और जयपुर पासपोर्ट कार्यालय पर काम का बोझ भी कम होगा।
अवैध बांग्लादेशियों की समस्या:देवनानी ने अजमेर में अवैध बांग्लादेशियों की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त की और विदेश मंत्री से इसके समाधान का आग्रह किया। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रति हो रहे दुर्व्यवहार पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।
वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह: देवनानी ने विदेश मंत्री को बताया कि जापान यात्रा के दौरान भारतीयों ने वीजा संबंधी तकनीकी समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने वीजा प्रक्रिया को अधिक सरल और तकनीकी समस्याओं को हल करने का अनुरोध किया।
अजमेर का महत्व: देवनानी ने कहा कि अजमेर अपनी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान के साथ-साथ पर्यटन और एनआरआई समुदाय के कारण अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना से न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।