



जयपुर में आगामी लिटरेचर फेस्टिवल से पहले एजुकेशन समिट का आयोजन किया जा रहा है। यह समिट 20 जनवरी से शुरू होकर 24 जनवरी तक चलेगी और इसमें भारत और दुनियाभर के 2000 से ज्यादा शिक्षाविद, 350 अंतरराष्ट्रीय वक्ता, 100 उद्योगपति, और राजनेता शामिल होंगे। इस दौरान भारत की शिक्षा नीति, ऑनलाइन-ऑफलाइन शिक्षा प्रणाली, और शिक्षण क्षेत्र में नवाचार जैसे विषयों पर मंथन होगा।
समिट का उद्घाटन: एजुकेशन समिट का उद्घाटन 20 जनवरी को जयपुर के रामबाग सर्किल स्थित सुबोध कॉलेज में होगा। उद्घाटन समारोह में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ भाजपा विधायक गोपाल शर्मा और बालमुकुंद आचार्य भी समिट में हिस्सा लेंगे।
कार्यक्रम की विशेषताएं:200+ सत्र: समिट के दौरान 200 से ज्यादा सत्र आयोजित किए जाएंगे। 350 अंतरराष्ट्रीय वक्ता: दुनियाभर के 350 वक्ता समिट में अपने विचार साझा करेंगे। स्टूडेंट्स की भागीदारी: समिट में 50,000 से ज्यादा छात्र ऑफलाइन शामिल होंगे, जबकि लाखों छात्र ऑनलाइन समिट का लाभ उठाएंगे। नए विचार और नवाचार: शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और शिक्षा में नवाचारों पर विशेष चर्चा की जाएगी।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावरका बयान: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा, "जयपुर में होने जा रही एजुकेशन समिट शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी पहल है। इसमें भारत और दुनियाभर के शिक्षाविद यह चर्चा करेंगे कि शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। समिट के दौरान जो मुख्य सुझाव सामने आएंगे, उन पर शिक्षा विभाग अध्ययन करेगा और उन्हें लागू करने की कोशिश करेगा।"
आयोजन का महत्व: अगले महीने आयोजित यह समिट न केवल शिक्षा क्षेत्र में नई संभावनाओं को उजागर करेगा, बल्कि भारत की शिक्षा नीति को वैश्विक दृष्टिकोण के साथ बेहतर बनाने में भी सहायक होगा। आयोजकों ने बताया कि समिट के दौरान विभिन्न सत्रों में डिजिटल शिक्षा, नई शिक्षा नीति (NEP 2020), और वैश्विक शिक्षा प्रणाली जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।