



जयपुर के उत्कर्ष कोचिंग सेंटर में स्टूडेंट्स के बेहोश होने की घटना के बाद नगर निगम ग्रेटर की 6 सदस्यीय जांच कमेटी ने बुधवार को पुलिस के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच टीम ने सीवरेज पॉइंट, एसी की गैस पाइप, आसपास के इलाके, किचन, और सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से अध्ययन किया।
सीन रिक्रिएशन:जांच के दौरान घटना की स्थिति को समझने के लिए टीम ने पेपर स्प्रे का उपयोग कर सीन रिक्रिएट किया। पेपर स्प्रे करने के बाद जब क्लास में पंखे चलाए गए, तो टीम के सदस्यों को भी खांसी और दम घुटने जैसी समस्या महसूस हुई। कोचिंग सेंटर के मैनेजमेंट ने बताया कि घटना वाले दिन भी इसी तरह की बदबू महसूस की गई थी।
सीसीटीवी फुटेज:मानसरोवर जोन उपायुक्त लक्ष्मीकांत कटारा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें ब्लैकबोर्ड के पास खड़ी एक स्टूडेंट को अचानक बेहोश होकर गिरते देखा गया। इसके बाद अन्य स्टूडेंट्स की तबीयत भी खराब होने लगी। हालांकि, क्लासरूम में घटना के सटीक पॉइंट पर कैमरे की कवरेज न होने के कारण स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई।
जांच रिपोर्ट तैयार:नगर निगम ग्रेटर की टीम द्वारा की गई जांच के आधार पर मानसरोवर जोन उपायुक्त अपनी रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजेंगे। साथ ही पूरे मामले की गहन जांच के लिए पुलिस को भी लिखा जाएगा।
सीवरेज और एसी की गैस पाइपलाइन की जांच: घटना के संभावित कारणों को समझने के लिए पाइपलाइन और वेंटिलेशन सिस्टम की जांच की गई।
किचन और क्लासरूम का निरीक्षण: किचन से किसी भी तरह की गैस लीक होने की संभावना पर ध्यान दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज: घटना के दौरान स्टूडेंट्स की हरकतों और स्थिति का अध्ययन किया गया।