



केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों, अमेरिका की अदालत में अदाणी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों, पूंजीपतियों को संरक्षण देने और मणिपुर में बढ़ती हिंसा के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस विरोध प्रदर्शन में लंबे समय बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट एक मंच पर नजर आए।
धरना स्थल पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे, जिनमें पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, गोविंद मेघवाल, प्रताप सिंह खाचरियावास, शकुंतला रावत और वैभव गहलोत शामिल थे।
पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को राजभवन कूच करने से रोका, पानी कैनन का इस्तेमाल
जयपुर में शहीद स्मारक पर चल रहे कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन में उस समय तनाव बढ़ गया जब कांग्रेस नेता राजभवन कूच करने के लिए निकले। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। झड़प के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता बेहोश हो गई, जिसे तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। गोविंद सिंह डोटासरा को कार्यकर्ताओं ने कंधों पर उठा लिया और जमकर नारेबाजी की। गोविंद सिंह डोटासरा कहा कि हम जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। राजभवन घेरने का हमारा उद्देश्य जनता की समस्याओं को उजागर करना है, लेकिन सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है। सचिन पायलट ने कहा कि हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। पुलिस ने अनुचित तरीके से वाटर कैनन और बल का इस्तेमाल किया। यह लोकतंत्र के खिलाफ है।” वाटर कैनन का इस्तेमाल: प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए। बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग के पास नारेबाजी की। कार्यकर्ता बेहोश: पुलिस से झड़प के दौरान एक महिला कार्यकर्ता बेहोश हो गई।पुलिस और कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की: पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शहीद स्मारक से आगे बढ़ने नहीं दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ताओं ने राजभवन कूच करने की जिद की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।
पुलिस का बयान: पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोका गया। वाटर कैनन का इस्तेमाल हिंसा रोकने के लिए किया गया।