Saturday, 29 August 2026

भजनलाल सरकार के 1 साल पूरे होने पर प्रदेश कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, शहीद स्मारक से राजभवन तक पैदल मार्च, गहलोत, पायलट, डोटासरा और जूली आए एक मंच पर


भजनलाल सरकार के 1 साल पूरे होने पर प्रदेश कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, शहीद स्मारक से राजभवन तक पैदल मार्च, गहलोत, पायलट, डोटासरा और जूली आए एक मंच पर

केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों, अमेरिका की अदालत में अदाणी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों, पूंजीपतियों को संरक्षण देने और मणिपुर में बढ़ती हिंसा के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस विरोध प्रदर्शन में लंबे समय बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट एक मंच पर नजर आए।

पायलट ने केंद्र और राज्य पर साधा निशाना: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और टोंक से विधायकसचिन पायलट कहा कि कौन नेता आया, कौन नहीं आया, इस पर बात करने का समय नहीं है। हमें एकजुट होकर चार साल बाद फिर से सत्ता में वापसी करनी है। भाजपा की सरकार को एक साल हो गया, लेकिन किसी को नहीं पता कि यह सरकार कौन चला रहा है। दिल्ली से चल रही है या राजस्थान से।”

डोटासरा ने मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप:कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में “लूटो और खाओ” मूल मंत्र बन गया है। उन्होंने अदाणी पर भ्रष्टाचार और संविधान में बदलाव की कोशिशों को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “यह सरकार संविधान और बाबा साहब अंबेडकर से नफरत करती है। ये लोग नाथूराम गोडसे की विचारधारा पर देश को चलाना चाहते हैं।”

टीकाराम जूली का बयान: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार को “झूठ और लूट की सरकार” करार दिया। उन्होंने कहा कि जनता अब इनकी हकीकत जान चुकी है। उन्होंने नर्मदा नहर परियोजना को लेकर भाजपा के दावों पर भी सवाल उठाए।

धरना स्थल पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे, जिनमें पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, गोविंद मेघवाल, प्रताप सिंह खाचरियावास, शकुंतला रावत और वैभव गहलोत शामिल थे।

पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को राजभवन कूच करने से रोका, पानी कैनन का इस्तेमाल

जयपुर में शहीद स्मारक पर चल रहे कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन में उस समय तनाव बढ़ गया जब कांग्रेस नेता राजभवन कूच करने के लिए निकले। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की।

झड़प के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता बेहोश हो गई, जिसे तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। गोविंद सिंह डोटासरा को कार्यकर्ताओं ने कंधों पर उठा लिया और जमकर नारेबाजी की।

पुलिस और कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की: पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शहीद स्मारक से आगे बढ़ने नहीं दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ताओं ने राजभवन कूच करने की जिद की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।

गोविंद सिंह डोटासरा कहा कि हम जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। राजभवन घेरने का हमारा उद्देश्य जनता की समस्याओं को उजागर करना है, लेकिन सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है।

सचिन पायलट ने कहा कि हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। पुलिस ने अनुचित तरीके से वाटर कैनन और बल का इस्तेमाल किया। यह लोकतंत्र के खिलाफ है।”

वाटर कैनन का इस्तेमाल: प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए।

बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग के पास नारेबाजी की।

कार्यकर्ता बेहोश: पुलिस से झड़प के दौरान एक महिला कार्यकर्ता बेहोश हो गई।

पुलिस का बयान: पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोका गया। वाटर कैनन का इस्तेमाल हिंसा रोकने के लिए किया गया।

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