Saturday, 29 August 2026

पीएम मोदी की मौजूदगी में पीकेसी ईआरसीपी प्रोजेक्ट का एमओयू बना एमओए, राजस्थान को मिलेगा 4103 एमसीएम पानी


पीएम मोदी की मौजूदगी में पीकेसी ईआरसीपी प्रोजेक्ट का एमओयू बना एमओए, राजस्थान को मिलेगा 4103 एमसीएम पानी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पार्वती-कालीसिंध-चंबल ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (पीकेसी ईआरसीपी) का एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) अब एमओए (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) बन गया। इससे राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच पिछले 20 सालों से चल रहा जल विवाद खत्म हो गया।

राजस्थान को मिलेगा चार बीसलपुर बांध के बराबर पानी: राजस्थान को इस प्रोजेक्ट के तहत 4103 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी मिलेगा। यह पानी चार बार बीसलपुर बांध भरने के बराबर है। वहीं, मध्यप्रदेश के 13 जिलों को करीब 3000 एमसीएम पानी मिलेगा। राजस्थान में इस परियोजना को 7 साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

परियोजना के लाभ:1200 किमी लंबी नहर, पाइपलाइन और टनल के माध्यम से राजस्थान के 21 जिलों की 3.25 करोड़ आबादी को जल उपलब्ध होगा। बाढ़ और सूखे की समस्या का स्थायी समाधान होगा।

जयपुर के बीसलपुर बांध की क्षमता 0.50 मीटर बढ़ाई जाएगी।कृत्रिम जलाशयों और नए बांधों का निर्माण होगा।

बांध और जलाशयों का निर्माण:बैराज:कुल नदी पर रामगढ़ बैराज पार्वती नदी पर महलपुर बैराजकालीसिंध नदी पर नवनेरा बैराजमेज नदी पर मेज बैराजबनास नदी पर नीमोद राठौड़ बैराज

कृत्रिम जलाशय:अजमेर में मोर सागरअलवर में कृत्रिम जलाशयबांध निर्माण:ईसरदा, डूंगरी

प्रोजेक्ट में जुड़ने वाले जिले:राजस्थान के 21 जिले:जयपुर, झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाईमाधोपुर, अजमेर, टोंक, दौसा, करौली, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, गंगापुरसिटी, ब्यावर, केकड़ी, दूदू, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, डीग, जयपुर ग्रामीण।

मध्यप्रदेश के 13 जिले: गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, देवास, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़।

प्रमुख बांध:टोंक जिला: बीसलपुर, गलवा, टोरडी सागर, मासी, दौसा: मोरेल, माधोसागर,भरतपुर: अजान लोवर, बरैठा बांध, जयपुर: रामगढ़ बांध, अलवर: जयसमंद बांध।

नदियों का नेटवर्क: इस प्रोजेक्ट के तहत चंबल और उसकी सहायक नदियां जैसे पार्वती, कालीसिंध, कूनो, बनास, बाणगंगा, रूपरेल, गंभीरी, और मेज को जोड़ा जाएगा।

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