Saturday, 29 August 2026

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दो दर्दनाक मामलों पर लिया संज्ञान, राजस्थान के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस


राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दो दर्दनाक मामलों पर लिया संज्ञान, राजस्थान के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने राजस्थान के दो गंभीर मामलों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दोनों मामलों में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

पहला मामला: दौसा जिले के कालीखाड़ गांव का है, जहां खेत में खेलते समय 5 वर्षीय बालक आर्यन 150 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। प्रशासन ने 56 घंटे के बचाव अभियान के बावजूद बच्चे को बचाने में विफलता पाई, जिसके बाद आर्यन की मृत्यु हो गई। आयोग ने इस घटना को मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए कहा कि यह अधिकारियों की लापरवाही है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार द्वारा खुले बोरवेल को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। आयोग ने एफआईआर, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मुआवजे की जानकारी मांगी है।

दूसरा मामला: जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज के जेके लोन अस्पताल में सामने आया, जहां एक 10 वर्षीय बच्चे को गलत रक्त चढ़ा दिया गया। इस लापरवाही के कारण बच्चे की हालत गंभीर है, और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। आयोग ने इस घटना को मरीज के जीवन के अधिकार का गंभीर उल्लंघन करार दिया। आयोग ने कहा कि इससे पहले भी इसी अस्पताल में रक्त आधान में लापरवाही के कारण 23 वर्षीय मरीज की मौत हो चुकी है। लगातार दो ऐसी घटनाएं चिकित्सा पेशेवरों की लापरवाही को उजागर करती हैं और गहरी जांच की आवश्यकता है।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने दोनों मामलों को मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में रखते हुए कहा कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल सख्त कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

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