



संसद के शीतकालीन सत्र के 17वें दिन केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के लिए 129वां संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया। इस बिल को लेकर विपक्ष ने जमकर विरोध जताया और प्रक्रिया के दौरान दो बार वोटिंग कराई गई। स्पीकर ओम बिरला द्वारा कराई गई पहली वोटिंग में 220 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 149 सांसदों ने विरोध में वोट डाला। विपक्ष की आपत्ति के बाद दूसरी बार वोटिंग हुई, जिसमें बिल के पक्ष में 269 सांसदों और विरोध में 198 सांसदों ने वोट डाले। बहुमत के बाद बिल को सदन में पेश किया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने का सुझाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया था, ताकि सभी पक्षों की राय ली जा सके। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल केवल राजनीति के लिए इस बिल का विरोध कर रहे हैं। वहीं, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यह बिल 'तानाशाही की ओर बढ़ता कदम' है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'वन नेशन, वन इलेक्शन' लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने का प्रयास है।मुख्य बिंदु:129 वां संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया गया। विपक्ष के विरोध के चलते दो बार वोटिंग कराई गई।पहली वोटिंग: पक्ष में 220 और विरोध में 149 वोट।दूसरी वोटिंग: पक्ष में 269 और विरोध में 198 वोट।अमित शाह ने JPC को भेजने की बात पर जोर दिया।विपक्ष ने इसे "तानाशाही लाने की कोशिश" बताया।