



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर में जल संरक्षण और जल संसाधन परियोजनाओं पर बात करते हुए कहा कि ताजेवाला समझौते के जरिए राजस्थान को पानी की समस्या से राहत मिलेगी। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के 100% घरों तक नल के जरिए स्वच्छ जल पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय इस अभियान को मिशन मोड में लागू कर रहा है।
मोदी ने देशभर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि अब तक करीब 3 लाख संरचनाएं तैयार की जा चुकी हैं, जो पानी बचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण का यह प्रयास धरती की प्यास बुझाने और भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने जल संकट से निपटने के लिए जनभागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पानी बचाने के इस अभियान में योगदान दे। उन्होंने कहा, "भारत की धरती मां को कभी भी प्यासा नहीं रखा जाएगा।"