कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में सोमवार को बैनर से सचिन पायलट की फोटो गायब होने पर विवाद खड़ा हो गया। बैठक में पायलट समर्थकों ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रोटोकॉल का हवाला दिया, लेकिन पायलट समर्थकों ने इसे लेकर नाराजगी जताई और तीखे कमेंट किए।
कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक जयपुर में आयोजित की गई थी। इस बैठक में संगठन के कामकाज और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा हो रही थी।बैठक के दौरान बैनर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के फोटो थे, लेकिन राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट की फोटो गायब थी।यह मुद्दा सबसे पहले प्रदेश सचिव भरत मेघवाल और विभा माथुर ने उठाया।
पायलट समर्थकों की नाराजगी:पायलट समर्थकों ने कहा कि हम पार्टी को मजबूत करने की बात करते हैं, लेकिन हमारे नेताओं को बैनर तक में जगह नहीं दी जाती। इससे क्या संदेश जा रहा है?
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा की सफाई: इस विवाद पर गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि हम पायलट साहब के विरोधी नहीं हैं। प्रोटोकॉल के आधार पर ही बैनर तैयार किया गया है। आप भाजपा का काम मत कीजिए, सब नेता एक हैं।
बैठक के एजेंडे पर छाया विवाद: बैठक में मुख्य रूप से भाजपा सरकार को घेरने और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर चर्चा होनी थी। लेकिन पायलट समर्थकों की नाराजगी के कारण बैठक में माहौल तनावपूर्ण हो गया।नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीतियों पर चर्चा के बजाय यह मुद्दा हावी रहा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद से कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद एक बार फिर सामने आ गए हैं।पायलट समर्थकों की नाराजगी पार्टी में गुटबाजी की ओर इशारा करती है।