Saturday, 29 August 2026

फोन टैपिंग मामले में पूर्व सीएम गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा बने सरकारी गवाह, कोर्ट ने प्रार्थना पत्र स्वीकार किया


फोन टैपिंग मामले में पूर्व सीएम गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा बने सरकारी गवाह, कोर्ट ने प्रार्थना पत्र स्वीकार किया
  • फोन टैपिंग प्रकरण में बड़ा मोड़ आया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सरकारी गवाह बनने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने उनका यह प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। अब लोकेश शर्मा सरकारी गवाह के तौर पर मामले में गवाही देंगे।
  • मामले में नया मोड़: इस कदम के बाद फोन टैपिंग प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अन्य अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।लोकेश शर्मा द्वारा सरकारी गवाह बनने से प्रकरण की जांच में नई दिशा मिलने की संभावना है।कोर्ट में गवाही के दौरान लोकेश शर्मा उन तथ्यों को उजागर कर सकते हैं जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
  • क्या है फोन टैपिंग प्रकरण? यह मामला राजस्थान में राजनीतिक उथल-पुथल के समय का है, जब राज्य की कांग्रेस सरकार पर विधायकों और नेताओं की बातचीत को गैरकानूनी तरीके से टैप करने के आरोप लगे थे।आरोप यह भी थे कि इस टैपिंग का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने के लिए किया गया।
  • सरकारी गवाह बनने का प्रभाव: विशेषज्ञों का मानना है कि लोकेश शर्मा के सरकारी गवाह बनने से मामले की जांच तेज होगी और इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ जाएगी। यह कार्रवाई पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत और उनके कार्यकाल के अधिकारियों के लिए कानूनी मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
  • लोकेश शर्मा की भूमिका:लोकेश शर्मा उस समय गहलोत के ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) थे।आरोप है कि फोन टैपिंग के कई अहम फैसलों में उनकी भूमिका थी।सरकारी गवाह बनने के बाद वे मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ सबूत और जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।
  • अगली सुनवाई: कोर्ट ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए लोकेश शर्मा को सरकारी गवाह के तौर पर पेश होने का निर्देश दिया है।
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