राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (पीकेसी-ईआरसीपी) को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि इस परियोजना में किसानों के लिए सिंचाई के पानी का कोई प्रावधान नहीं है। गहलोत ने सरकार पर परियोजना से संबंधित एमओयू को गुप्त रखने का भी आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ईआरसीपी का नाम बदलकर पीकेसी-ईआरसीपी कर दिया गया है। मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार के बीच एग्रीमेंट हुआ है, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। जनता को जानने का हक है कि इससे राजस्थान को क्या लाभ मिलेगा।
गहलोत ने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हफ्ते में दो बार जयपुर का दौरा किया है।पीएम किसी राज्य में जाते हैं, तो इसका मकसद स्पष्ट होना चाहिए। अगर यह परियोजना जनता और किसानों के हित में है, तो इससे जुड़ा एमओयू गुप्त क्यों रखा गया है?
किसानों के लिए सिंचाई का प्रावधान नहीं: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत का दावा है कि इस परियोजना में किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल पेयजल तक सीमित है। सिंचाई के लिए कोई योजना शामिल नहीं की गई। यह किसानों के हितों के खिलाफ है।
पूर्व मुख्यमंत्रीगहलोत ने एमओयू पर उठाए सवाल: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री से कई बार मांग की है कि ईआरसीपी पर किए गए एमओयू को सार्वजनिक किया जाए। लेकिन इसे अभी तक गुप्त रखा गया है। इससे स्पष्ट नहीं हो रहा कि राजस्थान को कितना लाभ मिलेगा और क्या मध्यप्रदेश को इससे ज्यादा फायदा होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने इस परियोजना को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का हक है कि उनके हितों की रक्षा हो रही है या नहीं।
ईआरसीपी से जुड़े बिंदु:परियोजना का नाम बदलकर पीकेसी-ईआरसीपी कर दिया गया।मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार के बीच नई संधि हुई है। गहलोत का दावा है कि किसानों के लिए सिंचाई का प्रावधान शामिल नहीं किया गया। गहलोत ने सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।