Saturday, 29 August 2026

राजस्थान में पहली बार हेलिकॉप्टर के जरिए ऑर्गन ट्रांसप्लांट, तीन घंटे में हार्ट-किडनी-लिवर पहुंचाए गए


राजस्थान में पहली बार हेलिकॉप्टर के जरिए ऑर्गन ट्रांसप्लांट, तीन घंटे में हार्ट-किडनी-लिवर पहुंचाए गए

राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया इतिहास रचते हुए पहली बार ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया। तीन घंटे के भीतर झालावाड़ से जयपुर और जोधपुर में हार्ट, किडनी और लिवर पहुंचाए गए। यह प्रयास राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को नई ऊंचाई देने का संकेत है।

कैसे हुई प्रक्रिया:ऑर्गन डोनर: झालावाड़ निवासी विष्णु (33), जो 10 दिसंबर को एसआरजी हॉस्पिटल में भर्ती थे।

ब्रेनडेड: 13 दिसंबर को सिर की चोट के कारण विष्णु ब्रेनडेड घोषित हुए।

परिजनों की सहमति: परिजनों ने विष्णु के अंगों को दान करने की अनुमति दी।

ऑर्गन निकाले गए: 13 और 14 दिसंबर को झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में विष्णु के हार्ट, किडनी, लिवर और लंग्स निकाले गए।

हेलिकॉप्टर से ऑर्गन ट्रांसपोर्ट: झालावाड़ से जयपुर:15 दिसंबर, सुबह 10:30 बजे ऑर्गन जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे।हार्ट और किडनी: जयपुर में दो मरीजों को ट्रांसप्लांट किए गए।

जयपुर से जोधपुर:उसी हेलिकॉप्टर से दोपहर 1:30 बजे जोधपुर एम्स में दो अंग पहुंचाए गए। जोधपुर में एक मरीज को लिवर ट्रांसप्लांट किया गया।

ऑपरेशन का महत्व:सुरक्षित डिलीवरी: अंगों को सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर का उपयोग किया गया। लैंडिंग: जयपुर और जोधपुर में हेलिकॉप्टर की लैंडिंग अस्पताल से एक किलोमीटर के दायरे में की गई।

परिवार और डॉक्टरों का बयान: विष्णु के परिजन:"हमारे बेटे की जिंदगी नहीं बच सकी, लेकिन उसके अंग दूसरों की जान बचाने के काम आए।"

डॉक्टरों का कहना:"यह कदम राज्य के लिए ऐतिहासिक है और भविष्य में ऐसे ट्रांसप्लांट को और तेज़ बनाएगा।"

राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक कदम:यह पहली बार है जब राजस्थान में ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए हेलिकॉप्टर का उपयोग हुआ।

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