



राजकॉम्प इंफो सर्विसेज लिमिटेड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये के टेंडर लेने के मामले में कामर्शियल कोर्ट संख्या-1 जयपुर ने डॉ. त्रिलोकी नाथ शर्मा को मामले में पक्षकार बनाने का आदेश दिया है। पीठासीन अधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता ने यह आदेश सुनाते हुए अंतिम बहस के लिए 18 दिसंबर 2024 की तारीख तय की है।
2014 में राजकॉम्प इंफो सर्विसेज लिमिटेड ने राशन की दुकानों पर पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनें वितरित करने के लिए टेंडर निकाला था।
फर्म प्रिसाइज ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके टेंडर प्राप्त किया। फर्म ने अपने वित्तीय टर्नओवर और तकनीकी क्षमताओं को गलत तरीके से प्रस्तुत किया। फर्म के प्रस्तुत दस्तावेजों में कई फर्जी प्रमाणपत्र पाए गए, जैसे कि एनआईसी प्रमाणपत्र और भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम व इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के कार्य आदेश।
यह मामला राजकॉम्प के भीतर फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें उजागर करता है। कोर्ट का यह आदेश न्यायहित और जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि फर्म और राजकॉम्प अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।