Saturday, 29 August 2026

एनएसडीसी और अनस्टॉप की साझेदारी से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी: स्किल गैप को पाटने की दिशा में अहम पहल


एनएसडीसी और अनस्टॉप की साझेदारी से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी: स्किल गैप को पाटने की दिशा में अहम पहल

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने भारत के युवाओं को कौशल आधारित रोजगार और करियर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से कम्युनिटी इंगेजमेंट और हायरिंग प्लेटफॉर्म 'अनस्टॉप' के साथ साझेदारी की है। यह पहल युवाओं के बीच स्किल गैप को पाटने और उन्हें कॉम्पटीटिव जॉब मार्केट में आगे बढ़ने के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

साझेदारी का उद्देश्य और लाभ: यह रणनीतिक साझेदारी युवाओं को: करियर अवसरों, मेंटरशिप, और कौशल-आधारित आकलन का व्यापक प्लेटफॉर्म प्रदान करेगी।अगली पीढ़ी के रोल-आधारित मूल्यांकन और फिनिशिंग कोर्स के माध्यम से उन्हें उद्योग की मांगों के अनुसार तैयार करेगी।छात्रों और संभावित नियोक्ताओं के बीच सार्थक जुड़ाव को बढ़ावा देगी।

एनएसडीसी के सीईओ का वक्तव्य: एनएसडीसी के सीईओ वेद मणि तिवारी ने कहा कि हम अनस्टॉप के साथ इस साझेदारी से युवाओं के लिए कौशल-आधारित रोजगार के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखते हैं। यह पहल युवाओं को अपने कौशल का प्रदर्शन करने और उन्हें नियोक्ताओं से जोड़ने में मदद करेगी। कौशल विकास में एनएसडीसी के अनुभव और अनस्टॉप की इनोवेटिव तकनीक के साथ, हम भारत की आर्थिक प्रगति में योगदान देंगे।

अनस्टॉप के फाउंडर और सीईओ का दृष्टिकोण: अनस्टॉप के फाउंडर और सीईओ अंकित अग्रवाल ने कहा कि इस साझेदारी से हमें रोजगार योग्य प्रतिभाओं का सबसे बड़ा पूल तैयार करने में मदद मिलेगी। हमारा उद्देश्य छात्रों को उनकी ड्रीम कंपनियों से जोड़ने और स्किल-बेस्ड हायरिंग को बढ़ावा देना है।

उन्होंने आगे कहा कि हम हर शहर और कॉलेज में छात्रों तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे हायरिंग और स्किल-आधारित इन्गेजमेंट को लोकतांत्रिक बनाया जा सके।"

साझेदारी की प्रमुख विशेषताएं:कौशल आधारित आकलन और रोजगार के अवसर।कॉम्पटीशन और करियर फिनिशिंग कोर्स।हर क्षेत्र और कॉलेज में छात्रों की पहुंच।उद्योग की मांग के अनुसार कौशल विकास।

एनएसडीसी और अनस्टॉप की यह साझेदारी न केवल भारत के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि स्किल-बेस्ड इकोसिस्टम को भी मजबूत करेगी। यह पहल भारत के युवाओं को उनकी पूर्ण क्षमता तक पहुंचाने और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक होगी।

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