Saturday, 29 August 2026

प्रयागराज महाकुंभ को हरित कुंभ बनाने का संकल्प: जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर से 'एक थाली, एक थैला' अभियान की शुरुआत


प्रयागराज महाकुंभ को हरित कुंभ बनाने का संकल्प: जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर से 'एक थाली, एक थैला' अभियान की शुरुआत

प्रयागराज में 13 से 26 जनवरी 2024 तक होने वाले महाकुंभ को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर से गुरुवार को 'एक थाली, एक थैला' अभियान की शुरुआत की गई। यह अभियान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ऋषि गालव जिला इकाई और विश्व हिंदू परिषद के सहयोग से प्रारंभ हुआ, जिसका उद्देश्य महाकुंभ को हरित कुंभ यानी प्लास्टिक मुक्त कुंभ बनाना है।

हरित कुंभ का उद्देश्य:प्रयागराज महाकुंभ में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।भोजन और अन्य आवश्यकताओं में पॉलीथिन और डिस्पोजल के उपयोग से करीब 40,000 टन कचरा उत्पन्न होने की आशंका है।कचरे के निस्तारण को सरल बनाने और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 'एक थाली, एक थैला' अभियान की शुरुआत की गई है।

अभियान की शुरुआत:जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में 2100 सैट थैली और थाली संग्रहित किए गए।अभियान के तहत हर घर से एक थाली और एक थैला संग्रहित कर प्रयागराज के तीर्थयात्रियों तक पहुंचाया जाएगा। हरित कुंभ में भोजन के लिए थाली और सामान रखने के लिए थैला का उपयोग करने से कचरा कम उत्पन्न होगा।

संग्रह और योगदान: इस अभियान में जयपुर के नंदू अग्रवाल, ओपी अग्रवाल, प्रभु दयाल शर्मा, सुरेंद्र डालमिया, हरीश खंडेलवाल, नरेश सोंखिया, और मुकेश पारीक ने सहयोग प्रदान किया।अभियान के संयोजक अशोक दाधीच ने कहा कि यह पहल हर घर से योगदान लेकर पर्यावरण को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।दिसंबर माह के अंत तक सभी थालियों और थैलों को एकत्र कर प्रयागराज तक पहुंचाया जाएगा।

कार्यक्रम की विशेषताएं:भाग संघचालक अशोक जैन, प्रांत सह प्रचारक विशाल, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।प्रचार प्रमुख विनय अग्रवाल ने सभी से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

'एक थाली, एक थैला' अभियान पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जयपुर से शुरू हुआ यह अभियान महाकुंभ को हरित कुंभ बनाने और प्लास्टिक मुक्त भारत की दिशा में योगदान देगा। यह पहल न केवल धार्मिक आयोजन को स्वच्छ बनाएगी, बल्कि पर्यावरण के प्रति लोगों की जागरूकता भी बढ़ाएगी।

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