जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले के दौरान सुरक्षा चूक में शहीद हुए एएसआई सुरेंद्र सिंह की पत्नी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सरकार और मुख्यमंत्री पर उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मेरे पति मुख्यमंत्री को बचाने के लिए अपनी जान गंवा बैठे, लेकिन मुख्यमंत्री साब मिलने तक नहीं आए।"
शहीद की पत्नी का दर्द:शहीद एएसआई की पत्नी ने कहा, "अगर मेरे पति उस समय वहां से हट जाते, तो क्या होता? उन्होंने अपनी जान देकर मुख्यमंत्री को बचाया।"
उन्होंने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा, "सरकार की तरफ से अब तक कोई अधिकारी हमारे पास नहीं आया। हमें कोई लिखित आश्वासन चाहिए।"
घटना का संदर्भ:यह हादसा अक्षय पात्र चौराहे पर हुआ था, जब मुख्यमंत्री का काफिला गुजर रहा था। रॉन्ग साइड से आई एक टैक्सी ने सुरेंद्र सिंह को टक्कर मारी, जिससे उनकी मौत हो गई।सुरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की।उनकी बहादुरी के बावजूद, परिवार को अभी तक सरकार की ओर से कोई सहायता या सांत्वना नहीं मिली है।
सरकार पर सवाल:शहीद की पत्नी ने मांग की, "हमें लिखित में आश्वासन चाहिए कि सरकार हमारे परिवार की देखभाल करेगी। सिर्फ मौखिक सहानुभूति से हमारा जीवन नहीं चल सकता।"परिवार ने राज्य सरकार से मुआवजे, पुनर्वास, और एक परिजन को सरकारी नौकरी की मांग की है।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया:इस घटना ने आम जनता में भी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग मुख्यमंत्री और सरकार से तुरंत कार्रवाई और शहीद परिवार को न्याय देने की मांग कर रहे हैं।
शहीद एएसआई सुरेंद्र सिंह की बहादुरी और बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। सरकार से अपेक्षा है कि वह इस स्थिति को गंभीरता से ले और शहीद के परिवार को शीघ्र उचित सहायता और आश्वासन प्रदान करे।