



दौसा जिले के कालीखाड़ गांव में बोरवेल में गिरे 5 साल के मासूम आर्यन की मौत ने पूरे गांव और देश को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार रात 11:45 बजे, करीब 57 घंटे के लंबे बचाव अभियान के बाद आर्यन को बोरवेल से बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
9 दिसंबर को खेलते समय 5 वर्षीय आर्यन 150 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। बचाव के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने हरसंभव प्रयास किया। बोरवेल के पास पाइलिंग मशीन से नया गड्ढा खोदा गया, फिर एक सुरंग बनाकर जवानों ने आर्यन तक पहुंचने की कोशिश की। लेकिन जब तक उसे बाहर निकाला गया, उसकी धड़कनें थम चुकी थीं।
आर्यन के निधन से उसके परिवार और गांव में मातम का माहौल है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। आर्यन का शव दौसा जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है और गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा।
बचाव अभियान के दौरान जवानों ने पूरी सावधानी बरती। पीपी किट पहनाकर एनडीआरएफ के जवानों को 150 फीट नीचे उतारा गया। बचाव टीम को गड्ढे से बोरवेल तक सुरंग बनाने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने दिन-रात मेहनत की, लेकिन मासूम आर्यन को बचाया नहीं जा सका। यह हादसा एक बार फिर बोरवेल सुरक्षा और बच्चों की देखरेख के महत्व को उजागर करता है।