



रेप केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने 17 दिन की पैरोल मंजूर की है। यह तीसरी बार है जब आसाराम को पैरोल दी गई है। मंगलवार को जस्टिस दिनेश मेहता और विनीत माथुर की बेंच ने उन्हें इलाज के लिए यह राहत दी। पैरोल का यह समय 15 दिसंबर से शुरू होगा और वे पुणे के माधो बाग अस्पताल में अपना इलाज करवाएंगे।
आसाराम को मिली पैरोल ने एक बार फिर उनके केस को चर्चा में ला दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट का यह निर्णय चिकित्सा आधार पर दिया गया है, लेकिन यह केस अब भी समाज और कानूनी जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
आसाराम की यह 11 साल में तीसरी पैरोल है। आसाराम को जोधपुर के निजी आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज के लिए 7 नवंबर को 30 दिन की पैरोल मिली थी।
इससे पहले उसे 13 अगस्त को 11 साल में पहली बार पैरोल मिली थी। तब उसे सात दिन की पैरोल मिली थी। वह 27 अगस्त से 2 सितंबर तक पुणे के माधो बाग अस्पताल में इलाज कराने गया था। इसके बाद उसने पंचकर्म पूरे न होने का हवाला देते हुए 5 दिन पैरोल बढ़ाने की अपील की थी। जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और मुन्नारी लक्ष्मण की बेंच ने 3 सितंबर को 5 दिन पैरोल बढ़ाने के आदेश दिए। आसाराम ने 7 सितंबर तक माधो बाग अस्पताल में इलाज कराया था।