



महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर में बुधवार को मानवाधिकार दिवस के अवसर पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता विश्वविद्यालय के विधि विभाग और डॉ. भीमराव अंबेडकर शोधपीठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई। इस आयोजन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से 20 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का विषय "मानवाधिकारों का हनन: पड़ोसी देशों के परिदृश्य में" रखा गया।
प्रतियोगिता का शुभारंभ विधि विभाग और डॉ. भीमराव अंबेडकर शोधपीठ के मानद निदेशक प्रो. शिवप्रसाद द्वारा किया गया। उन्होंने छात्रों को मानवाधिकार संरक्षण के महत्व पर जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में दुनिया के कई देशों में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। भारत को अपने वसुधैव कुटुंबकम के मूल्यों को अपनाकर विश्व में भाईचारे और मानवता का संदेश देना चाहिए।
छात्रों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से मानवाधिकार हनन की समस्याओं और उनके संभावित समाधानों को कागज पर प्रस्तुत किया। पोस्टर मेकिंग के जरिए उन्होंने मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने और इन समस्याओं के समाधान का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विधि विभाग की ओर से सुमन शर्मा, नेहा शर्मा, डॉ. रामेश्वर चौधरी, मानवेंद्र सिंह, सम्पत भाटी, और गोपाल लाल सहित अन्य शिक्षकों और अधिकारियों ने छात्रों का मार्गदर्शन किया और उनकी सृजनात्मकता की सराहना की।
यह प्रतियोगिता मानवाधिकारों की सुरक्षा और उनके महत्व पर जागरूकता फैलाने का एक प्रभावी प्रयास था। छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और संकल्प के जरिए मानवाधिकार संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। कार्यक्रम ने छात्रों को सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रेरित करने का कार्य किया।