राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के पहले दिन “सस्टेनेबल माइनिंग: सेफगार्ड फ्यूचर” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। सत्र में केंद्रीय खान एवं कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देश और राजस्थान में खनन और पेट्रोलियम क्षेत्र की भूमिका और विकास पर विचार साझा किए।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने में खनन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मिनरल सेक्टर में सुधार करते हुए निजी क्षेत्र की भागीदारी और पारदर्शिता पर जोर दिया है। उन्होंने राजस्थान को खनिज संसाधनों में अग्रणी बताते हुए कहा कि यहां पोटाश, जिप्सम, तांबा और सिल्वर के बड़े भंडार हैं, जो राज्य को इस क्षेत्र में और आगे ले जा सकते हैं।
राजस्थान में खनन और पेट्रोलियम की अपार संभावनाएं: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के खनन क्षेत्र की विशालता पर प्रकाश डालते हुए कहा, "राजस्थान में 82 तरह के खनिजों के भंडार हैं, जिनमें से 58 खनिजों का व्यावसायिक खनन किया जा रहा है। राज्य में खनन क्षेत्र से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 35 लाख लोग रोजगार पा रहे हैं, और हमारा लक्ष्य 2047 तक इसे बढ़ाकर 1 करोड़ करना है।"
मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी बताया कि राजस्थान के पेट्रोलियम उद्योग में निवेशकों ने अब तक ₹1.72 लाख करोड़ के एमओयू साइन किए हैं। राज्य में देश के कुल उत्पादन का लगभग 15% कच्चा तेल और प्रतिदिन 3.3 मिलियन घनमीटर प्राकृतिक गैस का उत्पादन किया जा रहा है।
राजस्थान खनिज नीति 2024 और नई योजनाएं: मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान खनिज नीति 2024 और एम-सैंड पॉलिसी जारी की है।खनिज नीति का लक्ष्य राज्य की जीडीपी में खनन क्षेत्र की हिस्सेदारी को 3.4% से बढ़ाकर 5% करना है।एम-सैंड पॉलिसी के तहत इकाइयों को राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना, 2024 के लाभ दिए जा रहे हैं। एम-सैंड इकाइयों की स्थापना में अनुभव, नेटवर्थ, और टर्नओवर जैसी बाधाओं को समाप्त किया गया है।
राजस्थान के पत्थरों की वैश्विक मांग: मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान के मार्बल और ग्रेनाइट की वैश्विक स्तर पर मांग है। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि नए संसद भवन और राम मंदिर जैसी ऐतिहासिक इमारतों में राजस्थान के पत्थरों का उपयोग हुआ है।
उद्यमियों से निवेश का आह्वान: मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि खनन क्षेत्र में पिछले 11 महीनों में 48 मेजर मिनरल माइनिंग ब्लॉक्स की सफल नीलामी की गई है। उन्होंने उद्यमियों से राजस्थान को खनन के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाने के लिए निवेश का आह्वान किया।
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्रीबाबूलाल खराड़ी ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और विकास का संतुलन बनाते हुए खनन क्षेत्र को आगे बढ़ा रही है।
कार्यक्रम में प्रमुख शासन सचिव खान एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकांत ने पीपीटी के माध्यम से राज्य की उपलब्धियां और योजनाएं साझा कीं। हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा सहित खनन और पेट्रोलियम क्षेत्र के कई निवेशक और उद्यमी उपस्थित रहे।