Saturday, 29 August 2026

'राइजिंग राजस्थान': “रीजनल वॉटर सिक्योरिटी- टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस” पर विशेष सत्र, इज़राइल और राजस्थान के बीच जल प्रबंधन सहयोग के लिए समझौता


'राइजिंग राजस्थान': “रीजनल वॉटर सिक्योरिटी- टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस” पर विशेष सत्र, इज़राइल और राजस्थान के बीच जल प्रबंधन सहयोग के लिए समझौता

राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के पहले दिन जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी में “रीजनल वॉटर सिक्योरिटी-टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस” विषयक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में जल प्रबंधन, जल सुरक्षा और तकनीकी नवाचारों पर गहन चर्चा की गई।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि "जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है।" उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण रेनफॉल पैटर्न में हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए कुशल जल प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया। शेखावत ने इज़राइल के ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसी तकनीकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन्हें अपनाकर सिंचाई के लिए जल की आवश्यकता को कम किया जा सकता है।

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि राजस्थान सरकार जल सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना), यमुना जल एमओयू, और देवास जैसी परियोजनाएं जल संरक्षण और प्रबंधन में मील का पत्थर साबित होंगी।

इज़राइल और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता:सत्र के दौरान इज़राइल के विदेश मंत्रालय और राजस्थान सरकार के जल संसाधन विभाग के बीच जल प्रबंधन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक संयुक्त घोषणा पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अतिरिक्त, डेनमार्क दूतावास और राजस्थान सरकार के बीच सरस्वती पेलियोचैनल के पुनर्जीवन पर सहयोग के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर हुए।

जल संरक्षण पर विशेषज्ञों की राय: जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार ने जल संरक्षण और स्थायी प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक बूंद को बचाने का संकल्प लेना चाहिए।

सत्र में उद्योगपतियों, जल विशेषज्ञों, और सरकारी अधिकारियों ने तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और जल सुरक्षा की चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने जल पुनर्चक्रण, अपशिष्ट जल उपचार, और स्थायी जल प्रबंधन के महत्व को रेखांकित किया।

राजस्थान सरकार का विजन: राजस्थान सरकार ने इस समिट के माध्यम से जल सुरक्षा और प्रबंधन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए नई पहलें की हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस समिट को राजस्थान की भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

इस सत्र ने जल प्रबंधन के क्षेत्र में राजस्थान की स्थिति को सुदृढ़ करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इज़राइल और डेनमार्क जैसे देशों के साथ साझेदारी राजस्थान के जल संसाधन विकास के लिए एक नई दिशा प्रदान करेगी।

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