Saturday, 29 August 2026

महात्मा ज्योतिराव फुले विश्वविद्यालय का नवम दीक्षांत समारोह: राज्यपाल बागडे ने दिए युवाओं को रोजगार सृजक बनने के संदेश


महात्मा ज्योतिराव फुले विश्वविद्यालय का नवम दीक्षांत समारोह: राज्यपाल बागडे ने दिए युवाओं को रोजगार सृजक बनने के संदेश

महात्मा ज्योतिराव फुले विश्वविद्यालय का नवम दीक्षांत समारोह शनिवार को जयपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को डिग्रियां और पदक प्रदान किए और अपने संबोधन में युवाओं को रोजगार सृजक बनने का संदेश दिया।

राज्यपाल बागडे का संदेश: "रोजगार देने वाले बनें":

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त युवाओं को केवल नौकरियों के पीछे भागने के बजाय रोजगार के अवसर सृजित करने चाहिए। शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों का अध्ययन नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षमता और उद्यमिता का विकास भी है।

उन्होंने कहा किशिक्षा सतत चलने वाली प्रक्रिया है।सार्थक शिक्षा वह है, जो जीवन को बेहतर तरीके से जीने की राह दिखाए।

महात्मा ज्योतिबा फुले के आदर्शों पर जोर: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने महात्मा ज्योतिबा फुले के योगदान को याद करते हुए कहा कि समाज में नारी शिक्षा और समाज सेवा की नींव रखी। पहली कन्या विद्यालय की स्थापना और अपनी पत्नी को पढ़ाकर देश की पहली महिला शिक्षक बनाना उनके अद्वितीय कार्य हैं।युवाओं को उनके आदर्शों को अपनाने और शिक्षा प्रसार के लिए काम करने का आह्वान किया।

नई शिक्षा नीति पर चर्चा: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि यह नीति समाज के हर वर्ग को गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक स्तर की शिक्षा देने पर केंद्रित है। शिक्षा में नैतिकता और आदर्श जीवन मूल्यों का समावेश होना चाहिए।

डिग्रियां और पदक वितरण: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया।
विश्वविद्यालय के चांसलर निर्मल पंवार ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

समारोह के मुख्य बिंदु: विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण के लिए शिक्षा का उपयोग करने की प्रेरणा दी गई।निजी क्षेत्र की भागीदारी को शिक्षा प्रसार में महत्त्वपूर्ण बताया गया। महापुरुषों की जीवनियां पढ़कर उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी गई।

महात्मा ज्योतिराव फुले विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह छात्रों के लिए प्रेरणादायक रहा। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शिक्षा को जीवन और राष्ट्र निर्माण के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया। महात्मा फुले के आदर्शों और नई शिक्षा नीति के साथ, यह समारोह छात्रों को एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने के लिए मार्गदर्शन देता है।

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