जयपुर के जगतपुरा इलाके में भूमि विवादों को लेकर नया विवाद सामने आया है। रामनगरिया थाने के एसआई गिरधर सिंह पर भू-माफियाओं और किसानों के उत्तराधिकारियों से मिलीभगत कर आवासीय कॉलोनियों के पट्टाधारकों से डरा-धमकाकर अवैध वसूली करने का आरोप लगा है।
पीड़ितों के आरोप: एसआई गिरधर सिंह आवासीय कॉलोनियों में पट्टा धारकों से शिकायत के नाम पर डराने और धमकाने का काम करता है।पीड़ितों का आरोप है कि वह कहता है, "अगर मेरी मांग के अनुसार राशि नहीं दी, तो एफआईआर दर्ज कर फंसा दूंगा।" भू-माफियाओं और किसानों के उत्तराधिकारियों से मिलकर पुराने भूमि विवादों को उभारता है और अवैध रूप से पैसे वसूलता है। एसआई ने यह भी कहा कि "वसूली की राशि ऊपर के अधिकारियों तक जाती है, इसलिए मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।"
पुलिस कमिश्नर के निर्देश:जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भूमि विवादों में पुलिस को शामिल नहीं होना चाहिए। ऐसे मामलों को जेडीए ट्रिब्यूनल या जेडीए सतर्कता शाखा को सौंपा जाना चाहिए।पुलिस को भूमि विवादों से दूरी बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। लेकिन एसआई गिरधर सिंह ने इन निर्देशों की अनदेखी कर अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया।
जेडीए भूमि विवाद का मुद्दा:जगतपुरा क्षेत्र में वर्षों पहले स्थापित आवासीय कॉलोनियों के पट्टाधारकों को लगातार भू-माफियाओं और पुलिस के उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस की भूमिका को लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय से स्पष्ट किया गया कि इन मामलों से पुलिस को दूर रहना चाहिए।
पीड़ितों की मांग: पीड़ितों ने जयपुर पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर एसआई गिरधर सिंह के तत्काल तबादले और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि जब तक ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, भू-माफियाओं और पुलिस की मिलीभगत जारी रहेगी।
अवैध वसूली का तंत्र:भूमि विवादों को लेकर एसआई द्वारा शिकायतें उठाना और डराने-धमकाने का पैटर्न अपनाया गया है। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि एसआई ने भू-माफियाओं और किसानों के उत्तराधिकारियों के साथ मिलकर इन विवादों को कमाई का जरिया बना लिया है।पुलिस कमिश्नर कार्यालय मामले की समीक्षा कर रहा है।
एसआई गिरधर सिंह के खिलाफ शिकायतों की जांच शुरू होने की संभावना है। पीड़ितों ने मांग की है कि इस मामले को उच्च स्तर पर जांच के लिए भेजा जाए।
जगतपुरा का यह मामला पुलिस और भू-माफियाओं की मिलीभगत का गंभीर उदाहरण है। जयपुर पुलिस कमिश्नर के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, एसआई गिरधर सिंह ने अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया। अब यह देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ितों को न्याय मिलता है या नहीं।