Friday, 04 April 2025

अजमेर दरगाह विवाद: महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा का बयान, मस्जिदों के नीचे वोट बैंक ढूंढने का आरोप


अजमेर दरगाह विवाद: महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा का बयान, मस्जिदों के नीचे वोट बैंक ढूंढने का आरोप

अजमेर दरगाह को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दरगाह के नीचे संकट मोचन महादेव मंदिर होने के दावे के बाद यह मुद्दा न सिर्फ कानूनी, बल्कि राजनीतिक और सांप्रदायिक बहस का केंद्र बन गया है। इसी बीच, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने विवाद को लेकर भाजपा और हिंदू सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

इल्तिजा मुफ्ती का बयान:"मस्जिदों के नीचे मंदिर नहीं, वोट बैंक ढूंढ रहे हैं"इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा:"ये लोग मस्जिदों के नीचे मंदिर नहीं ढूंढ रहे हैं, बल्कि उन्हें लगता है कि मस्जिदों के नीचे उनका वोट बैंक मिलेगा।""मुसलमानों को तंग करने का दिखावा कर समाज में विभाजन पैदा किया जा रहा है।" उन्होंने इसे समाज के हर तबके के लिए नुकसानदेह बताया और लोगों को ऐसे विभाजनकारी एजेंटों से सावधान रहने की सलाह दी।

हिंदू सेना का दावा: हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अजमेर दरगाह के नीचे संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा किया।अजमेर सिविल कोर्ट ने उनकी याचिका को सुनवाई योग्य माना है।

राजनीतिक बयानबाजी: विवाद पर पहले ही राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस नेता सचिन पायलट, और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान सामने आ चुके हैं।अब इल्तिजा मुफ्ती ने इस मुद्दे को भाजपा की वोट बैंक राजनीति से जोड़ा है।

इल्तिजा की चेतावनी: यह क्या विकास का हिस्सा है?"इल्तिजा ने भाजपा पर विकास के मुद्दे छोड़कर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "कश्मीर में आप रेलवे लाइन बनाने की बात करते हैं, लेकिन यहां मुस्लिम बहुल इलाकों में मस्जिद तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।""समाज को बांटने का काम गलत है":

उन्होंने कहा, "ऐसे प्रयास न केवल मुस्लिम समुदाय, बल्कि समाज के हर तबके के लिए नुकसानदेह हैं।"

अजमेर दरगाह विवाद पर कोर्ट का रुख:अजमेर सिविल कोर्ट ने हिंदू सेना की याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए मामले की आगे की कार्रवाई शुरू की है। इस विवाद ने धार्मिक और राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

विवाद के राजनीतिक प्रभाव:भाजपा की भूमिका पर सवाल:विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा और उससे जुड़े संगठन धार्मिक स्थलों के जरिए ध्रुवीकरण की राजनीति कर रहे हैं।

धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल: इल्तिजा ने इसे वोट बैंक राजनीति का हिस्सा बताया और भाजपा पर मुसलमानों को आर्थिक और सामाजिक रूप से तंग करने का आरोप लगाया।

कानूनी प्रक्रिया पर नजर:मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट का फैसला विवाद के भविष्य को तय करेगा।

अजमेर दरगाह विवाद पर राजनीतिक और सांप्रदायिक बहस तेज हो गई है। इल्तिजा मुफ्ती ने इसे भाजपा की ध्रुवीकरण राजनीति बताया है। दूसरी ओर, कोर्ट का निर्णय इस विवाद को शांत करने या और बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। फिलहाल, यह मामला देश में धार्मिक और राजनीतिक तनाव का नया केंद्र बन चुका है।

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