Saturday, 29 August 2026

एकल पट्टा प्रकरण: हाईकोर्ट ने शुरू की सुनवाई, छह माह में फैसला देने का निर्देश


एकल पट्टा प्रकरण: हाईकोर्ट ने शुरू की सुनवाई, छह माह में फैसला देने का निर्देश

करीब 11 साल पुराने एकल पट्टा प्रकरण में राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनवाई फिर से शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव की एकलपीठ ने गुरुवार को मामले की सुनवाई की। इस प्रकरण में कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल और यूडीएच विभाग के तीन पूर्व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के 17 जनवरी 2023 और 15 नवंबर 2022 के आदेशों को रद्द करते हुए, मामले की दोबारा सुनवाई का निर्देश दिया था।

कोर्ट ने हाईकोर्ट को छह महीने के भीतर फैसला देने का आदेश दिया।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश स्वयं मामले की सुनवाई करें।

एकल पट्टा प्रकरण का मूल: 29 जून 2011: जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने गणपति कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर शैलेंद्र गर्ग के नाम पर एकल पट्टा जारी किया।

2013: परिवादी रामशरण सिंह ने एसीबी में शिकायत की, जिसके बाद तत्कालीन एसीएस जीएस संधू, डिप्टी सचिव निष्काम दिवाकर, और जोन उपायुक्त ओंकारमल सैनी सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।

2014: तत्कालीन वसुंधरा सरकार के कार्यकाल में एसीबी ने मामला दर्ज किया।

तीन क्लोजर रिपोर्ट: 2013 से 2022 तक: एसीबी ने तीन बार क्लोजर रिपोर्ट पेश की। तीनों रिपोर्ट में किसी भी अनियमितता से इनकार किया गया।

गहलोत और भजनलाल सरकार का रुख: गहलोत सरकार: तीन क्लोजर रिपोर्ट में आरोपियों को क्लीन चिट दी।

भजनलाल सरकार: पहले क्लीन चिट का समर्थन किया। बाद में सुप्रीम कोर्ट में नया एफिडेविट दाखिल कर मामला बनता है का पक्ष लिया।

हाईकोर्ट की ताजा सुनवाई: हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को:अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने को कहा।आरटीआई एक्टिविस्ट अशोक पाठक को इंटरवीनर बनने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल करने की अनुमति दी।मामला जनवरी के अंतिम सप्ताह में फाइनल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

प्रकरण से जुड़े प्रमुख बिंदु: आरोपियों की दलील:शांति धारीवाल का नाम न तो एफआईआर में और न ही चालान में है। एसीबी की क्लोजर रिपोर्ट में भी उनके खिलाफ अपराध प्रमाणित नहीं हुआ।

एसीबी की जांच: शुरुआती जांच में अनियमितता की बात सामने आई थी।तीन क्लोजर रिपोर्ट में अनियमितता से इनकार।सुप्रीम कोर्ट ने नए सिरे से जांच की सिफारिश की।

मामले का महत्व:भ्रष्टाचार निरोधक उपाय: यह मामला सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।

राजनीतिक दृष्टिकोण: प्रकरण में शांति धारीवाल जैसे वरिष्ठ नेताओं का नाम होना इसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनाता है।

एकल पट्टा प्रकरण में राजस्थान हाईकोर्ट की सुनवाई अब तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मामले में सभी पक्षों से दस्तावेज पेश करने और जनवरी के अंत तक फाइनल सुनवाई करने के आदेश दिए गए हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हाईकोर्ट इस मामले में क्या निर्णय लेता है और यह फैसला भ्रष्टाचार के मामलों में न्यायिक प्रक्रियाओं के लिए किस तरह का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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