Saturday, 29 August 2026

श्रीअन्न रागी: पोषण का भंडार, सेहत का वरदान !


श्रीअन्न रागी: पोषण का भंडार, सेहत का वरदान !

श्रीअन्न रागी, जिसे मिलेट्स की श्रेणी में रखा गया है, आज सुपरफूड के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है। कभी इसे साधारण और श्रमिक वर्ग का आहार माना जाता था, लेकिन अब यह पोषण और स्वास्थ्य के कारण उच्च वर्ग का पसंदीदा भोजन बन गया है। रागी में कैल्शियम, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और कई महत्वपूर्ण विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो इसे स्वास्थ्य का खजाना बनाते हैं।


रागी के फायदे: हड्डियों की मजबूती: रागी में भरपूर कैल्शियम होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। इसमें मौजूद जिंक, फॉस्फोरस और अन्य मिनरल्स ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद करते हैं। बचपन में रागी का सेवन करने वाले बच्चों की हड्डियां उम्रभर मजबूत रहती हैं।

डायबिटीज में फायदेमंद: डाइट्री फाइबर से भरपूर रागी ग्लूटेन फ्री होती है, जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों के लिए यह सुरक्षित और लाभकारी है। रागी में पाए जाने वाले फेनोलिक कंपाउंड इसे एंटी-डायबेटिक बनाते हैं।

कैंसर से बचाव: अमेरिकी एनसीबीआई की रिसर्च के अनुसार, रागी में मौजूद एंटी-कैंसर गुण पेट के कैंसर को रोकने में सक्षम हैं। रागी के एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं, जिससे कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है।

हार्ट डिजीज का जोखिम कम:रागी का फाइबर कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसेराइड्स को नियंत्रित करता है। यह पेट में चिपचिपा पदार्थ बनकर फैट को अवशोषित करता है, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाता है।

एंटी-एजिंग: रागी में मौजूद पॉलीफेनॉल और फेनोलिक कंपाउंड उम्र बढ़ने के प्रभाव को कम करते हैं।यह त्वचा को ग्लोइंग बनाए रखता है और शरीर के कार्यों को सक्रिय करता है।

रागी: प्राचीन अनाज, आधुनिक जरूरत:आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. पीयूष त्रिवेदी के अनुसार, "रागी एक प्राचीन अनाज है, लेकिन इसके गुण आज भी अमूल्य हैं। यह न केवल पोषण का भंडार है, बल्कि अनेक बीमारियों के लिए वरदान साबित हो सकता है।"

रागी के आधुनिक उपयोग: रागी से बनी रोटियां, दलिया, बिस्कुट, केक और अन्य खाद्य पदार्थ अब बाजार में उपलब्ध हैं। यह पूरे परिवार के लिए एक स्वस्थ और स्वादिष्ट विकल्प है।

श्रीअन्न रागी न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि यह हमारी पुरानी परंपराओं और आधुनिक विज्ञान का संगम है। इसे अपने आहार में शामिल कर हम न केवल बीमारियों से बच सकते हैं, बल्कि स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जी सकते हैं।

डॉ. पीयूष त्रिवेदी, आयुर्वेद विशेषज्ञ राजस्थान विधानसभा जयपुर । M No: 91 9828011871


Previous
Next

Related Posts