Saturday, 29 August 2026

भाजपा विधायक रामबिलास मीणा की धमकी: वन विभाग के केस वापस लेने का दबाव, नौकरी से विदा करने की चेतावनी


भाजपा विधायक रामबिलास मीणा की धमकी: वन विभाग के केस वापस लेने का दबाव, नौकरी से विदा करने की चेतावनी

दौसा जिले की लालसोट विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामबिलास मीणा ने वन विभाग के रेंजर को खुलेआम धमकी दी है। उन्होंने कहा, "नौकरी करनी है तो केस वापस ले लो, वरना परसों में ऑफिस आकर विदा कर दूंगा।"

मामला क्या है ? वन विभाग ने 1 और 5 दिसंबर को अवैध खनन, सरकारी संपत्ति को नुकसान, राजकार्य में बाधा, गाली-गलौज और मारपीट के दो एफआईआर दर्ज कराई थीं।

पहली एफआईआर: 1 दिसंबर को रामगढ़ पचवारा थाने में सहायक वनपाल हेमलता मीणा ने दर्ज कराई। इसमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और गाली-गलौज का मामला था।

दूसरी एफआईआर: 5 दिसंबर को रेंजर राधेश्याम रैगर ने दर्ज कराई।इसमें अवैध खनन और वनकर्मियों से मारपीट का आरोप है।

विधायक ने रेंजर को धमकाया: बुधवार को कुछ ग्रामीण इन एफआईआर के खिलाफ शिकायत लेकर भाजपा विधायक रामबिलास मीणा के पास पहुंचे।

भाजपा विधायक रामबिलास मीणा ने तत्काल वन विभाग के रेंजर राधेश्याम रैगर को जनसुनवाई के दौरान तलब किया। उन्होंने रेंजर राधेश्याम रैगर से कहा, "दोनों केस वापस लो, वरना अंजाम भुगतना होगा।"

वन विभाग के अधिकारियों ने राजकार्य में बाधा और सरकारी कर्मियों को धमकाने की इस घटना की कड़ी निंदा की है।

विभाग ने उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि वे मामले की पूरी जांच करेंगे।

विधायक का पक्ष:भाजपा विधायक रामबिलास मीणा की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वे अपने क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने की बात कह रहे हैं।

एफआईआर की पृष्ठभूमि:1 दिसंबर का मामला: सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और वन विभाग के कर्मचारियों से गाली-गलौज का आरोप।

5 दिसंबर का मामला:अवैध खनन और वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामला।

राजनीतिक हलचल:इस घटना ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी है।कांग्रेस ने इसे भाजपा के गुंडाराज का उदाहरण बताया। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है।

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